11 माह बाद खुलेंगे प्राथमिक स्कूल, समस्याएं नहीं हुईं दूर

11 माह बाद खुलेंगे प्राथमिक स्कूल, समस्याएं नहीं हुईं दूर

जागरण टीम फतेहपुर परिषदीय विद्यालय संवर जाएं इसके लिए ग्राम पंचायतों की निधि खूब खर्च हुई

JagranSat, 27 Feb 2021 06:19 PM (IST)

जागरण टीम फतेहपुर : परिषदीय विद्यालय संवर जाएं इसके लिए ग्राम पंचायतों की निधि खूब खर्च हुई, लेकिन स्कूलों के हालात फिर भी नहीं सुधरे। एक मार्च से कक्षा एक से पांच तक के स्कूलों का भी कोविड नियमों के बीच संचालन होना है। शिक्षक व अफसर इसके लिए तैयारी में जुटे हैं, लेकिन 11 माह से बंद कक्षाओं के बाद भी समस्याएं दूर नहीं हो पा रही है। स्कूल आज भी गंदगी, मुख्य मार्ग, पेयजल के लिए हैंडपंप, इज्जत घर जैसी समस्या से जूझ रहे हैं। शनिवार को दैनिक जागरण की टीम ने स्कूलों में पहुंच कर यहां के हालात देखे पेश है कुछ स्कूलों की रिपोर्ट। दृश्य-1

हैंडपंप खराब, इज्जतघर चालू नहीं

विजयीपुर : शनिवार को कुम्हारनडेरा मजरे रायपुर भसरौल प्राथमिक विद्यालय खुला मिला। यहां प्रधानाध्यापक शरद कुमार मौजूद थे। स्कूल में प्राइमरी के 65 पंजीकृत छात्र-छात्राओं को एक मार्च से बुलाने की तैयारी चल रही थी। रोस्टर के मुताबिक अलग-अलग दिनों में कक्षावार बच्चों को बुलाने का खाका भी बना गया है। यहां हैंडपंप खराब है, इज्जतघर टूटा पड़ा है। दृश्य-2

घर से लानी होगी पानी की बोतल

खागा : ऐरायां ब्लाक के मानू का पुरवा प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत बच्चों की संख्या 145 है। यहां हैंडपंप खराब है, इज्जतघर भी ध्वस्त है। सुधार के लिए अफसरों को पत्राचार किया गया है। बावजूद अब तक कोई व्यवस्था नहीं हुई। यहां के प्रधानाध्यापक विजय त्रिपाठी का कहना है कि बच्चों को घर से पानी की बोतल लाने को कहेंगे। समस्या को उच्च अधिकारियों साझा किया जा चुका है।

दृश्य-तीन

ऊबड़-खाबड़ मैदान, चाहरदीवारी तक नहीं बनी

अमौली : प्राथमिक विद्यालय केवलापुर में अव्यवस्थाएं हावी हैं। यहां पर पानी के लिए लगाया गया हैंडपंप खराब पड़ा है। विद्यालय का खाली मैदान ऊबड़-खाबड़ दिख रहा है और गंदगी फैली है। यहां पर कायाकल्प का कार्य नहीं दिख रहा है। प्रधानाध्यापक मयंक कटियार ने बताया कि काफी प्रयास के बाद भी हैंडपंप नहीं लगा है। अब जैसी व्यवस्था है उसी के बीच कक्षाएं संचालित की जाएंगी। दृश्य-4

मॉडल इज्जतघर अधूरा, परिसर में आ जाते पशु

बिदकी : प्राथमिक विद्यालय बसफरा में पांच लाख की लागत से बन रहा मॉडल इज्जत घर अधूरा पड़ा है। विद्यालय में चाहार दीवारी भी नहीं बनी है। प्रधानाध्यापक रुचि सचान ने बताया कि कई बार शिकायत के बाद भी कोई सुन नहीं रहा है। चाहरदीवार न होने के कारण मवेशी अंदर आ जाते हैं। परिसर को हरा भरा बनाने के लिए लगाए गए पौधे नष्ट कर दे रहे हैं। स्कूल संचालन के लिए यह तैयारियां हो रहीं

- एक मार्च को स्कूल आने पर बच्चों का रोली-टीका से स्वागत।

- नव प्रवेशी बच्चों को पुष्पों की माला पहनाई जाएगी।

- एमडीएम के बर्तन साफ-सुथरा कर खाना पकाया जाएगा।

- कई स्कूलों में मास्क व सैनिटाइजर भी मंगाया गया है।

- छात्र घर से ही मास्क लगाकर आये इसकी सूचना अभिभावकों को वाट्स एप में भेजी जा रही है।

जिले में परिषदीय शिक्षा

कुल परिषदीय प्राइमरी स्कूल-1903

मदरसा स्कूलों की संख्या-------06

समाज कल्याण विभाग संचालित- एक

पेयजल व इज्जतघर की कमियां

पेयजल से असंतृप्त स्कूल----123

बालक-बालिका इज्जतघर से असंतृप्त -114

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