मानक की मार, सात सौ रुपये सस्ता बिक रहा धान

मानक की मार, सात सौ रुपये सस्ता बिक रहा धान
Publish Date:Fri, 23 Oct 2020 05:04 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, बिदकी : सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 1868 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। सरकारी क्रय केंद्रों में किसान धान के मानक से मार खा रहा है। ऑनलाइन पंजीयन, धान गीला होने पर सुखाने के झंझट से परेशान होकर किसान आढ़तियों को एक हजार से 1150 रुपये तक में धान बेंच दे रहा है। नवीन गल्ला मंडी में खोले गए धान खरीद केंद्र सहित जहानाबाद, अमौली, बकेवर के क्रय केंद्रों में किसान जाने से कतरा रहा है। तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए किसान के सामने आढ़तियों को ही औने-पौने दाम धान बेच देना मजबूरी बन गया है।

......बोले किसान.......

धान बेचने के लिए ऑनलाइन की प्रक्रिया पूरी कर दी है, पर अभी तक सत्यापन नहीं सका है। पैसे की तत्काल जरूरत थी तो पांच क्विंटल धान आढ़त में 1100 रुपये में बेंच दिया है। शेष सुखाकर सरकारी खरीद केंद्र पर ही बेंचेंगे।

विवेक कुमार, फरीदपुर ऑनलाइन कराने के बाद भी सत्यापन के लिए तहसील में दौड़ लगानी पड़ती है। इस समस्या से बचने के लिए आढ़तियों को ही 20 क्विंटल धान 1150 रुपये प्रति क्विटल के हिसाब से बेंच दिया है। कितना भी सुखा कर धान ले जाओ नमी के नाम पर कटौती कर लेते हैं।

छंगा, दिया का पुरवा बिदकी क्रय केंद्र में धान का नमूना लेकर गए। केंद्र प्रभारी ने कहा तीन-चार दिन धान सुखाने के बाद लेकर आओ। नमी अधिक है, इस कारण तौल नहीं हो पाएगी। धान सुखाने की झंझट व ऑनलाइन से बचने के लिए आढ़त में धान बेंच दिया। संजय, लतीफपुर पैसे की जरूरत अभी है, क्रय केंद्र में पहले ऑनलाइन कराओ, सत्यापन कराओ। इसके बाद वहां पहुंचेंगे तो धान गीला है, मानक पर नहीं है। यह तमाम बातें सामने आएंगी। जो खेत में पैदा हुआ वही लेकर तो आएंगे। केंद्रों में जाओं तो भटकाते रहते है।

मूलचंद्र, जैनपुर

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किसान मशीन से कटा हुआ धान लेकर आ रहा है। वह बहुत गीला है। मानक पर नहीं है। किसानों को बताया गया है कि धान को सुखाकर ही लाएं। ऑल लाइन प्रक्रिया तो किसान को पूरी ही करनी होगी। बिना उसके तौल नहीं हो सकती है। क्रय केंद्र में किसान आने लगे है।

संजीव श्रीवास्तव ,क्रय केंद्र प्रभारी मार्केटिग बिदकी

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