ज्वालागंज तालाब प्रकरण में आया नया मोड़, राजस्व परिषद से दिया जा चुका स्टे आर्डर

जागरण संवाददाता फतेहपुर नगर पालिका चेयरमैन प्रतिनिधि की गिरफ्तारी के बाद भी मुसीबतें बढ

JagranTue, 30 Nov 2021 10:51 PM (IST)
ज्वालागंज तालाब प्रकरण में आया नया मोड़, राजस्व परिषद से दिया जा चुका स्टे आर्डर

जागरण संवाददाता, फतेहपुर: नगर पालिका चेयरमैन प्रतिनिधि की गिरफ्तारी के बाद भी मुसीबतें बढ़ रहीं है, लेकिन अब एक राहत वाली खबर सामने आई है। दरअसल जिस ज्वालागंज तालाब को आधार बनाकर प्रशासन हाजी रजा को भूमाफिया की सूची में डालने की तैयारी कर रहा है, उस मामले में एक साथ पुराना स्टे आर्डर फाइलों की पड़ताल में सामने आया है। प्रशासन अब स्टे को निरस्त कराने में जुट गया है। माना यह जा रहा है कि फिलहाल कार्रवाई का शिकंजा कमजोर होगा।

दरअसल शहर क्षेत्र के ज्वालागंज में 22.5 बीघे तालाब की भूमि वर्ष 1958 से 1962 तक चली चकबंदी में हेरफेर करके रामपाल सिंह के नाम कर दिया गया था। वर्ष 1999 में उनकी मौत के बाद बतौर वारिश निर्भय सिंह, अभय सिंह आदि के नाम यह भूमि आ गई। जिसके बाद इस भूमि की पावर आफ अटार्नी (मुख्तार आम) के जरिए बेंच डाली गई। वर्ष 2019 में एसडीएम रहे प्रमोद झा ने इस मामले की सुनवाई अपने कोर्ट में की और इस भूमि को तालाबी भूमि मानते हुए पुन: तालाबी नंबर में दर्ज करा दिया। जबकि उक्त भूमि पर बने घर व खरीदे गए प्लाट ज्यों का त्यों पड़े रहे। दस्तावेजों में भूमि स्वामी के रूप में दर्ज लोगों ने इस मामले पर राजस्व परिषद से स्डे आर्डर ले लिया। जिसके बाद कार्रवाई जहां की तहां रुक गई। पत्रावलियों में मिला स्टे आर्डर

दरअसल राजस्व परिषद द्वारा दिए गए स्टे की बात अभी तक प्रकाश में नहीं थी। पुलिस ने भी दर्ज मुकदमे में हाजी रजा का नाम खोल दिया। अब जब कार्रवाई के लिए पत्रावली पलटी गई तो पत्रतावली में स्टे आर्डर निकल आया। जिसके बाद से प्रशासन की कार्रवाई अब फिर से शिथिल हो गई है। स्टे निरस्त कराने की कोशिश शुरू

एसडीएम सदर एनपी मौर्य ने बताया कि तालाब प्रकरण में स्टे मिला हुआ है, यह बात पत्रावलियों की पड़ताल में सामने आई है। अब हमारा प्रयास है कि पहले राजस्व परिषद के स्टे को निरस्त (बैकेट) कराया जाए। क्योंकि बिना स्टे बैकेट कराए कार्रवाई की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती है। हाजी रजा की जमानत खारिज, सेशन कोर्ट में आज पडे़गी अर्जी

जागरण संवाददाता, फतेहपुर : मंगलवार को प्रभारी सीजेएम रोमी गुप्ता की अदालत ने मंगलवार को चेयरमैन प्रतिनिधि और सभासद हाजी रजा तथा भाजपा हुई मारपीट की सुनवाई की। प्रभारी सीजेएम ने हाजी रजा के साथ आरोपी बनाए गए शमसाद, सभासद राहत, जुनैद उर्फ जुन्ना की अर्जी खारिज कर दी। अधिवक्ता जगदीश सिंह चौहान व शफीकुल गफ्फार ने मामले पर कई साक्ष्य अदालत में पेश किए । अभियुक्तों पर लगे आरोपों असत्य साबित नहीं कर पाये। अधिवक्ताओं के मुताबिक बुधवार को सेशन कोर्ट में जमानत की अर्जी डाली जाएगी। भाजपा नेता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। चेयरमैन प्रतिनिधि हाजी रजा ने सभासद राहत और शमसाद के साथ कोर्ट में सरेंडर किया था जबकि जुनैद को पुलिस घटना वाले दिन ही दबोचा था।

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