विकास कार्यों में पूर्व प्रधानों की रहेगी हनक

जागरण संवाददाता फतेहपुर गांवों में सरकार तो नई बन गई है लेकिन मुसीबत यह है कि का

JagranWed, 02 Jun 2021 05:35 PM (IST)
विकास कार्यों में पूर्व प्रधानों की रहेगी हनक

जागरण संवाददाता, फतेहपुर : गांवों में सरकार तो नई बन गई है, लेकिन मुसीबत यह है कि काम पुराने प्रधानों के होंगे। अब ऐसे में अगर नए प्रधान चूक गए तो वह जनता के लिए सोचे गए काम इस वर्ष नहीं करा पाएंगे। दरअसल, हर गांव पंचायत में वित्तीय वर्ष की कार्य योजना चुनाव घोषणा से पहले ही बन गई थी, जिसे प्लान प्लस सॉफ्टवेयर में अपलोड भी किया जा चुका है। नियम है कि कार्ययोजना में स्वीकृत काम ही ग्राम पंचायत करा सकती है, इसके इतर कोई काम नहीं होगा।

दरअसल, वर्ष 2021-22 की कार्य योजना 31 मार्च तक प्लान प्लस में अपलोड होने का समय था, लेकिन प्रधानी चुनाव होने की वजह से इस बार दिसंबर में ही पुराने प्रधानों ने कार्य योजना बनाकर ब्लाकों में जमा कर दी थी। ब्लाकों में जमा हुई कार्य योजना का सत्यापन करके प्लान प्लस सॉफ्टवेयर में अपलोड कर दिया गया था। नतीजा कि अब काम कराने के लिए वही काम खुल रहे हैं, जो पहले स्वीकृत हो चुके हैं। अब नए प्रधानों को यह नहीं सूझ रहा है कि वह आखिर अपने मनचाहे कामों को कैसे कराएं। ऐसे में प्रधान तो बदल जाएंगे लेकिन काम पुराने प्रधानों द्वारा जो स्वीकृत हैं वहीं कराने पड़ेंगे।

सप्लीमेंट्री का रास्ता अपनाकर उठाएं लाभ

हर गांव पंचायत में पहली बैठक हो चुकी है, अब प्रधानों को गांव पंचायत में विकास कार्य कराने हैं, लेकिन इस वर्ष की कार्य योजना बन चुकी है ऐसा बताकर सचिव झंझट से बच रहे हैं। लेकिन यदि नए प्रधान बैठक करके नए प्रस्ताव करें और उन नए प्रस्तावों को सप्लीमेंटी (पूरक ) कार्य योजना बनाकर प्लान प्लस में अपलोड करें तो यह काम भी आसानी से हो जाएंगे और नए प्रधान अपने मनचाहे काम भी करा पाएंगे। पुराना खजाना हो चुका है खाली

ग्राम पंचायतों में पुराने कार्यकाल का करीब 21 करोड़ रुपये डंप था, लेकिन यह धनराशि अब खाली जो चुकी है। क्योंकि पुराने कामों की उधारी चुकाने में प्रशासकों ने यह धनराशि खर्च कर दी है। बीते डेढ़ से दो माह में ही करीब 21 करोड़ का भुगतान उन बकायों का किया गया है जो पूर्व में कराए गए थे।

नए प्रधान यदि कुछ कामों का प्रस्ताव करते हैं तो उसे सप्लीमेंट्री योजना के रूप में शामिल करें, ऐसे कामों को स्वीकृत दी जाएगी। अगर कोई प्रधान सप्लीमेंट्री योजना नहीं देता तो जो कार्य योजना पहले से फीड है वहीं काम कराए जाएंगे।

अजय आनंद सरोज, डीपीआरओ

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.