जो मां स्टेशन पर छोड़ गई, उसी की तलाश में भटकता रहा

जो मां स्टेशन पर छोड़ गई, उसी की तलाश में भटकता रहा
Publish Date:Wed, 28 Oct 2020 07:58 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सूत्र, मोहम्मदाबाद : एक वर्षीय दुधमुंहे को जो मां दिल्ली में रेलवे स्टेशन पर रोता बिलखता छोड़ कर चली गई और जिसके वियोग में पिता भी जिदगी से जंग हार गया, उसी मां की तलाश में बेटा भटकते-भटकते अनाथालय पहुंच गया। आखिर बुधवार को दिल्ली अनाथालय से लगभग 14 वर्षीय किशोर को पुलिस ने मोहम्मदाबाद के गांव बनकटी पहुंच कर उसकी बुआ मुन्नी देवी के सिपुर्द किया।

मुकेश को जिदगी ने इस छोटी से उम्र में कई उतार-चढ़ाव दिखाए। शमसाबाद के गांव चिलसरा के निवासी जगदीश करीब 20 वर्ष पूर्व पत्नी मीना के साथ मजदूरी करने दिल्ली चले गए थे। वहीं पर लगभग 14 वर्ष पूर्व मीना लगभग एक वर्षीय दुधमुंहे मुकेश को रेलवे स्टेशन पर रोता छोड़कर कहीं चली गई। जीआरपी ने बच्चे को अनाथालय भेज दिया। लगभग एक माह बाद जगदीश ने बेटे मुकेश को अनाथालय में तलाश लिया। वह उसे लेकिर बनकटी स्थित अपनी बहन के घर आ गया। यहां जगदीश पत्नी वियोग में बीमार पड़ गया। कुछ ही दिनों में लगभग डेढ़ वर्षीय मुकेश के सिर से पिता का साया भी उठ गया। बुआ के घर पर पला-बढ़ा मुकेश ने होश संभाला तो विगत वर्ष वह घर से बिना बताए मां की तलाश में दिल्ली चला गया। वहां नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर वह पुलिस की नजर में चढ़ गया। पुलिस ने उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया। वहां से कई बार बुआ मुन्नी देवी के घर सूचना भेजी गई, लेकिन कोई उसे लेने नहीं गया। बुधवार को दिल्ली पुलिस ने यहां बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. संजीव गंगवार की मदद से गांव बनकटी पहुंचकर मुकेश को उसकी बुआ के सिपुर्द कर दिया।

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