साप्ताहिक बंदी से तरबूज के भाव घटे, किसान परेशान

साप्ताहिक बंदी से तरबूज के भाव घटे, किसान परेशान

संवाद सहयोगी अमृतपुर साप्ताहिक बंदी से बाजार बंद है। जिससे तरबूज का भाव कम हो गया है। ि

JagranThu, 06 May 2021 11:11 PM (IST)

संवाद सहयोगी, अमृतपुर : साप्ताहिक बंदी से बाजार बंद है। जिससे तरबूज का भाव कम हो गया है। किसानों को तरबूज की फसल की लागत नहीं मिल रही है।

गंगा और रामगंगा की कटरी की अधिकांश भूमि पर किसान तरबूज की खेती करते हैं। किसान नवंबर में अगेती तरबूज की बोवाई करते हैं। अधिक सर्दी व पाला में अधिकांश पौध खराब हो जाती है। तरबूज को फसल तैयार हो गई, लेकिन साप्ताहिक बंदी में तरबूज का भाव कम हो गया। मंडियों में ग्राहक नहीं मिल रहे हैं। शुरुआत में 25 रुपये किलो बिकने वाला तरबूज पांच रुपये किलो बिक रहा है। जिससे किसानों को फसल की लागत नहीं मिल रही है। पिछले वर्ष भी साप्ताहिक बंदी होने से किसानों को तरबूज की फसल में नुकसान हुआ था।

धर्मपुर कटरी के हुसैन ने बताया कि तरबूज की एक टूट हो चुकी है। पहले आगरा व ग्वालियर मंडी में तरबूज की 2500 रुपये क्विंटल बिक्री हुई। खेतों में भी 1500 से दो हजार रुपये क्विंटल तरबूज बिका। दूसरी टूट में साप्ताहिक बंदी लग गया। जिससे बाजार बंद हो गए और तरबूज 500 रुपये क्विंटल बेचना मुश्किल है। धर्मपुर कटरी के झब्बू ने बताया कि पिछले वर्ष कोरोना से तरबूज का भाव कम हो गया था, जिससे फसल की लागत नहीं मिल सकी। इस वर्ष भी तरबूज की फसल तैयार होने पर कोरोना ने विकराल रूप ले लिया। जिससे मंडियों में ग्राहक नहीं हैं। जिससे तरबूज बेचना मुश्किल है। अब किसानों का तरबूज की खेती से मोहभंग होने लगा है।

ठेकों पर बिक रही शराब

संवाद सूत्र, नवाबगंज : बंदी के दौरान व्यवसायिक गतिविधियों पर रोक के बाद भी ठेकेदार खुलेआम शराब की बिक्री कर रहे हैं। पुलिस व आबकारी विभाग के जिम्मेदार भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर शासन ने 10 मई तक बंदी के निर्देश दिए है। बंदी के दौरान मेडिकल स्टोर, दूध, सब्जी की दुकानों को कुछ प्रतिबंधों के साथ खोलने की छूट दी गई है। इसके बाद भी शराब ठेकेदार स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से शराब की बिक्री करने से बाज नहीं आ रहे है। गुरुवार शाम नवाबगंज थाने के गांव उम्मरपुर में स्थित ठेका देशी शराब की दुकान के बाहर लोगों की भीड़ जमा थी। लोग शराब लेने के लिए एक दूसरे से धक्का मुक्की करते नजर आ रहे थे। अधिकांश ग्राहक बिना मास्क लगाए कोविड नियमों की धज्जियां उड़ा रहे थे। शराब की बिक्री किए जाने की सूचना लोगों ने हल्का के दारोगा देवी प्रसाद गौतम को दी। इसके बावजूद पुलिस के कानों पर जूं नहीं रेंगी। हालांकि दारोगा देवी प्रसाद गौतम ने बताया कि ठेके के खुलने की जानकारी नहीं है। यदि ठेका खोलकर शराब की बिक्री की गई है, तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

जिला आबकारी अधिकारी राजेश प्रसाद ने बताया कि शासन के आदेश के क्रम में जिलाधिकारी की ओर से सभी व्यवसायिक गतिविधियों पर रोक है। ऐसे में पुलिस महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई कर सकती है। आबकारी निरीक्षक के निरीक्षण में दुकान खुली मिलने पर जुर्माने का प्रवधान है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.