शहर से गांव तक आफत बनी बरसात, दीवार गिरने से छह बच्चे घायल

जल निकासी के लिए लेनी पड़ी जेसीबी की मदद नाका बिजली उपकेंद्र में पानी घुसने और अमानीगंज उपकेंद्र में लाइन में पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति ठप रही।

JagranSat, 18 Sep 2021 12:25 AM (IST)
शहर से गांव तक आफत बनी बरसात, दीवार गिरने से छह बच्चे घायल

अयोध्या: बुधवार की शाम से जारी बारिश लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बीते 30 घंटों में 401 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस वजह से शहर के अधिकांश हिस्से तालाब सरीखे नजर आने लगे और लोगों के घरों में पानी घुस गया। बारिश की विभीषिका का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ऐसा मौका पहली बार आया है, जब बारिश के बाद शहर में हुए जलभराव में फंसे लोगों को निकालने के लिए बोट लगानी पड़ी हो, जबकि आम तौर पर ऐसी तस्वीरें बाढ़ में दिखती हैं। हालात इस कदर बिगड़ गए कि पीडब्ल्यूडी कॉलोनी व जनौरा में तो राहत सामग्री पहुंचाने व फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए नाव लगानी पड़ी। वही दूसरी ओर पिपरी मजरे फतेहपुर गाव में कच्च्ी दीवार ढह गई, जिसके मलबे में दबकर पास में खेल रहे छह बच्चे दब गए। घायल बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया गया है, जिसमें दो बच्चों की हालत गंभीर बतायी जा रही है। भाईपुर, बीकापुर, मसौधा समेत कई शहरी व ग्रामीण इलाकों में जेसीबी लगाकर दिन भर जल निकासी का प्रयास होता रहा।

तेज हवा की वजह से बरसात से भीगी दीवार गिरने से पिपरी मजरे फतेहपुर गाव में खेलते समय दबकर छह बच्चे घायल हो गए। ग्रामीणों ने मौके पर बचाव कर सभी को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भेजवाया, जिसमें से दो कि हालात गंभीर देख चिकित्सकों ने लखनऊ रेफर कर दिया।

पुलिस के अनुसार शुक्रवार की देर शाम गाव की कुशुमा के दीवार के पास 14 वर्षीय राजू पुत्र रामविलास निषाद, सात वर्षीय कुनाल, पाच वर्षीय अंकुश पुत्र राजकरन, 11 वर्षीय आदित्य, 12 वर्षीय संदीप व पाच वर्षीय सौरभ पुत्र कृष्णकुमार खेल रहे थे। उसी दौरान अचानक मिट्टी की दीवार गिर गई, जिसके नीचे दबने से सभी घायल हो गए। पूराकलंदर थाना के प्रभारी निरीक्षक विजयसेन सिंह ने बताया कि घायलों में दो बच्चों की हालात गंभीर होने पर चिकित्सकों ने लखनऊ रेफर किया हैं।

शहर में भीषण जलभराव के चलते लोगों की गृहस्थी उतराती नजर आईं। कई कॉलोनियों में पंप लगाकर जलभराव को दूर करने की कोशिश की गई तो कई स्थानों पर लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे। सबसे बदतर स्थिति तो सरकारी कॉलोनियों की रही। रेलवे कॉलोनी, सिचाई कॉलोनी समेत अन्य सरकारी कॉलोनियों में घुटनों तक पानी भरा नजर आया। जनौरा में हालात अब भी बेहद खराब बने हुए हैं। जनौरा में घुटनों तक पानी भरा है। गद्दोपुर स्थित सैनिक विहार कॉलोनी में जलभराव की वजह से लोग पूरे दिन घरों में रहने को मजबूर रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात बेहद खराब हैं। मिल्कीपुर तहसील के टड़वा में नहर कट गई। हालांकि, बचाव दल ने नहर की पटाई समय से आरंभ कर दी गई। गोसाईंगंज संवादसूत्र के मुताबिक अमसिन के निकट बोधीपुर गांव में राजदेव, पतिराम, सुगना सहित दर्जनों लोगों के घर गिर गए। रुदौली संवादसूत्र के मुताबिक मवई ब्लॉक की ग्राम सभा कसारी में बारिश से हुए जलभराव से सड़क धंस गई। कसारी गांव का आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। अशरफपुर गंगरेला गांव की सड़क कट गई है। कायस्थाना वार्ड के मोहल्ला पूरे बेलदारान में तालाब का पानी सड़क पर आ गया। ग्राम सभा जलालपुर, खैरनपुर, भेलसर सहित कई अन्य गांव जलमग्न हैं। मवई ब्लाक के गोंडियन पुरवा मजरे बसौढ़ी में लोगों के घरों में पानी घुस गया। हाल यह है कि लोगों को तख्त पर बैठ कर भोजन पकाना पड़ा। मयाबाजार संवादसूत्र के मुताबिक महाराजगंज थाना के सामने अयोध्या-वाराणसी राजमार्ग पर पेड़ गिर गया, जिससे करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा। साधन सहकारी समिति रामपुर बैहारी में पानी भरने से उर्वरक नष्ट हो गई।

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राजगीर को बचाने के लिए तोड़नी पड़ी दीवार

अयोध्या : शहर के उसरू इलाके में हुए जलभराव के कारण एक राजगीर निर्माणाधीन मकान के बेसमेंट में फंसा रहा। सूचना पाकर पहुंचे अग्निशमन दस्ते ने दीवार काट कर राजगीर को बाहर निकाला। फायर सर्विस चालक हृदयनाथ विश्वकर्मा ने बताया कि बेसमेंट में राजगीर वीरेंद्र रात में सोए थे। सुबह उठे तो बेसमेंट में भीषण जलभराव था। वह बाहर निकल पाने में असमर्थ थे। फायर ब्रिगेड की टीम ने दीवार तोड़ कर उन्हें बाहर निकाला। चौक के जमुनियाबाग मोहल्ले में मकान गिर जाने के कारण उसमें विमला पांडेय व उनकी पौत्री फंस गईं थीं। अग्निशमन दस्ते ने उन्हें बचाया।

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अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

अयोध्या: भारी बारिश के बाद आरंभ हुए राहत व बचाव कार्य की कमान खुद जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने संभाली। उन्होंने नगर आयुक्त विशाल सिंह के साथ जलवानपुरा, बछड़ा सुल्तानपुर, बेनीगंज, देवकाली, जनौरा आदि क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि जिन मकानों में पानी घुसा है, उन परिवारों को आवश्यकतानुसार दूध, पीने का पानी, लाई चना, गुड़, बिस्किट आदि उपलब्ध कराया जाए। जल निकासी शीघ्रता से सुनिश्चित की जाए। डीएम ने अतिवृष्टि के मद्देनजर सभी विभागों के अधिकारियों को सतर्क रहने निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों को सीयूजी नंबर को अनिवार्य रूप से क्रियाशील रखने व सभी फोन पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने का निर्देश दिया है। मुख्य विकास अधिकारी अनिता यादव ने भी ग्रामीण क्षेत्रों का जायजा लिया।

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जनप्रतिनिधियों ने लिया राहत बचाव कार्यों का जायजा

अयोध्या: भारी बारिश के बाद जनप्रतिनिधियों ने भी राहत व बचाव कार्यों का जायजा लिया। नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने अधिकारियों को जलनिकासी व जरूरतमंदों को आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने सिरसिडा ग्रामसभा का जायजा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि नाले पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। इसी वजह से जलनिकासी नहीं हो पा रही है। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अतिक्रमण को हटाया जाए और जलनिकासी सुनिश्चित की जाए। विधायक ने रामकथा पार्क के सामने रह रहे लोगों के लिए राशन की व्यवस्था का निर्देश एसडीएम सदर को दिया। रुदौली संवादसूत्र के मुताबिक विधायक रामचंद्र यादव ने विभिन्न गांवों का जायजा लिया। उन्होंने वनमऊ, भवानीपुर, सैदपुर, चंद्रामऊ, सैमसी, रामपुर आदि गांवों में जाकर किसानों से वार्ता की।

उपजिलाधिकारी स्वप्निल यादव ने बताया कि राजस्व टीमें गांव-गांव जाकर सर्वे कर रही हैं। 48 घंटे में जिला मुख्यालय पर रिपोर्ट भेज दी जाएगी। विधायक के निरीक्षण के दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी रितेश कुमार सिंह, तहसीलदार वीरेंद्र कुमार, निर्मल शर्मा, प्रधान जावेद आदि थे।

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फसलें बर्बाद, किसानों की बढ़ी मुश्किलें

बारिश फसलों के लिए वज्रपात के समान साबित हुई। बारिश ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। धान व गन्ने की फसल जमींदोज हो गईं। यह तक कि सब्जी व फल विक्रेताओं को भी इसका खामियाजा उठाना पड़ा है। सब्जियां करीब-करीब पूरी तरह बर्बाद हो गईं। अगेती आलू की बोआई की तैयारी कर रहे किसानों को भी झटका लगा है। भारी बारिश से किसान अब अगेती आलू की बोआई फिलहाल नहीं कर सकेंगे।

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पहले नहीं हुई ऐसी बारिश

अयोध्या: बीती 15 सितंबर की शाम से आरंभ हुई बारिश भले ही शुक्रवार को दोपहर करीब दो बजे थम गई, लेकिन ऐसी बारिश पहले कभी नहीं देखी गई। वर्ष 1986 के बाद अब तक सिर्फ आठ बार ही ऐसा मौका आया है, जब पूरे सितंबर माह में 300 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई है, लेकिन इस वर्ष हुई दो दिनों की बरसात ने ही सारी कसर पूरी कर दी। वर्ष 1987, 1989, 1991, 1995, 2002, 2003, 2009 व 2019 सितंबर माह में 300 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई थी, लेकिन बीते 30 घंटों में ही इतना पानी बरस गया, जितना पहले कभी नहीं बरसा था। सिर्फ 30 घंटे में 401 मिलीमीटर बारिश ने शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी तबाही मचा दी। हालांकि, कुमारगंज समेत कुछ अन्य क्षेत्रों में कम वर्षा हुई है। नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. सीताराम मिश्र ने बताया कि अब भारी बारिश की संभावना नहीं है। हल्की से मध्यम स्तर की ही बारिश हो सकती है।

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बाधित रही बिजली आपूर्ति

बारिश के साथ ही बिजली आपूर्ति ने भी लोगों का दर्द बढ़ा दिया। शहरी क्षेत्र में ही बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रही। लोगों के घरों के इनवर्टर तक जवाब दे गए। पेयजल के लिए निजी स्त्रोतों पर निर्भर लोगों को भी खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। नाका बिजली उपकेंद्र में पानी घुस गया, जिससे बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रही। अमानीगंज उपकेंद्र की लाइन पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति ठप रही। इसी तरह मुमताजनगर, नियावां, लालबाग, कोसलपुरी समेत अन्य उपकेंद्रों की लाइनें घंटों फाल्ट में रहीं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति बाधित रही।

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