प्रमोदकांत व दिव्य को मिलेगा हिदी संस्थान का पुरस्कार

प्रमोदकांत व दिव्य को मिलेगा हिदी संस्थान का पुरस्कार

साहित्यभूषण से सम्मानित किए जाएंगे प्रमोदकांत . मलिक मोहम्मद जायसी पुरस्कार से सम्मानित किए जाएंगे खुशीराम द्विवेदी दिव्य.

JagranFri, 26 Feb 2021 11:54 PM (IST)

अयोध्या: उत्तर प्रदेश हिदी संस्थान ने जिले के दो साहित्यकारों का चयन पुरस्कार के लिए किया है। अयोध्या नगर निवासी प्रमोदकांत मिश्र को साहित्य भूषण पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। उन्हें पुरस्कार के तौर पर दो लाख रुपये मिलेंगे। वहीं खुशीराम द्विवेदी दिव्य को संग्रह काव्य 'अवधी के अंचरा मा' के लिए मलिक मोहम्मद जायसी पुरस्कार से नवाजा जाएगा। दिव्य को 75 हजार रुपये बतौर सम्मान राशि प्रदान किये जाएंगे। प्रमोदकांत का जन्म कुशीनगर के माधोपुर गांव में दस अगस्त 1960 को हुआ था। उनकी आरंभिक शिक्षा गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में हुई। वहीं के सखवनिया इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट व स्नातक की शिक्षा बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय से हुई। किशोरावस्था से ही उनका साहित्य के प्रति झुकाव रहा। इसके बाद उनका चयन पुलिस में उपनिरीक्षक के पद पर हुआ। गत वर्ष 31 अगस्त को वे पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हुए। उनका पहला काव्य संग्रह निशांत वर्ष 1991 में प्रकाशित हुआ था। इसके बाद आलोक शिखर व पगडंडियों से गुजतरे हुए कविता संग्रह भी प्रकाशित हुआ। इसके बाद गुं गुरुभ्यो नम:, इदं लोकाय खंड एक व दो और अमृतपुत्र पुस्तक प्रकाशित हुई। इससे पहले भी उन्हें कई पुरस्कार मिल चुके हैं। भाऊराव देवरस न्यास का प्रताप नारायण मिश्र स्मृति, वर्ष 1998 में युवा साहित्यकार सम्मान युवा विकास मंच का युवा प्रतिभा सम्मान, श्रीमानस सेवा समिति सम्मान व सनातन परिषद एवं तुलसी जन्मभूमि सूकरखेत विकास समिति का श्रीतुलसी सम्मान भी उन्हें मिल चुका है।

वहीं खुशीराम द्विवेदी दिव्य का जन्म वर्ष 1948 में आठ जून को मिल्कीपुर के बांसगांव में हुआ था। उनकी आरंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय कोटडीह से हुई। इसके बाद डॉ. राममनोहर लोहिया विश्वविद्यालय से हिदी में एमए किया था। वे वर्ष 2012 में जूनियर हाईस्कूल कोटडीह से सेवानिवृत्त हुए थे। बेहतर शिक्षण कार्य के लिए उन्हें वर्ष 2009 में राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा गया था। अब तक उनका मुक्तक काव्य संग्रह उद्घोष, महाकाव्य श्री गौतम बुद्ध चरित, संग्रह काव्य अवधी के अंचरा मा व दोहा संग्रह दिव्य दोहावली प्रकाशित हो चुका है। उन्हें काव्य भूषण सम्मान, साहित्य मार्तंड सम्मान, महर्षि वामदेव साहित्य सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।

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