काश, इस बार साल्वर गैंग का नेटवर्क तलाश ले पुलिस

अयोध्या शिक्षक पात्रता परीक्षा में पकड़े गए साल्वर्स के नेटवर्क का पता लगाना आसान नहीं

JagranFri, 03 Dec 2021 12:57 AM (IST)
काश, इस बार साल्वर गैंग का नेटवर्क तलाश ले पुलिस

अयोध्या : शिक्षक पात्रता परीक्षा में पकड़े गए साल्वर्स के नेटवर्क का पता लगाना आसान नहीं है। एसटीएफ ने उन्हें गिरफ्तार कर पुलिस के हवाले तो कर दिया, लेकिन उसके बाद इस प्रकरण में जो अपेक्षित गति मिलनी चाहिए वह अभी नजर नहीं आ रही है। लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इन अपराधियों के कृत्य को भले ही जघन्य माना जा रहा हो, लेकिन ऐसे मामलों में पुलिस की जांच विस्तार नहीं ले पाती।

गत अगस्त माह में टीजीटी परीक्षा में पकड़े गए साल्वर्स का प्रकरण इसका उदाहरण है। उनके संपर्क सूत्रों की गुत्थी पुलिस नहीं सुलझा सकी थी, जबकि इनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दावा किया था कि इस गिरोह से कई लोगों के भी जुड़े होने की सूचना है। पुलिस का यह दावा सिर्फ दावा ही रहा। पकड़े गए साल्वर्स के गैंग के अन्य सदस्य आज भी पहेली बने हुए हैं। टीजीटी प्रकरण में गिरफ्तार गिरोह को वहीं तक सीमित मानते हुए पुलिस ने जांच को विराम दे दिया। ऐसे अपराधों में कठोर कार्रवाई का कोई उदाहरण पुलिस प्रस्तुत नहीं कर पाती है, जिसका परिणाम अब टीईटी में मुन्ना भाइयों की करतूत के रूप में सामने है।

गत 28 नवंबर को आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा में जिले से तीन साल्वर को गिरफ्तार करने वाली एसटीएफ ने इनके अतिरिक्त 17 नामों को और प्रकाश में लाते हुए कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज करा दी है। अब प्रकाश में आए नामों की पड़ताल और गिरफ्तारी की जिम्मेदारी कोतवाली नगर पुलिस के हाथ में है। एक पुलिस अधिकारी की मानें तो यदि प्रभावी रूप से जांच हो तो साल्वर्स की कड़ियां सुलझ सकती हैं, लेकिन इसके लिए पुलिस को इच्छाशक्ति दिखानी होगी। कोतवाली पुलिस का कहना है कि एसटीएफ की ओर से उपलब्ध कराए गए इनपुट पर कार्रवाई की जा रही है। अभी कुछ भी बोलना कोतवाली पुलिस जल्दबाजी मान रही है।

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