Dhannipur Masjid in Ayodhya: तिरंगा फहराकर मानवता को समर्पित किया धन्नीपुर मस्जिद प्रोजेक्ट

इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के चेयरमैन जुफर फारुकी ने गणतंत्र दिवस पर यहां आज तिरंगा फहराया।

Dhannipur Masjid in Ayodhya गणतंण दिवस पर अयोध्या के रुदौली में ध्वजारोहण के साथ ही यहां पर पौधारोपण से धन्नीपुर मस्जिद का आगाज किया गया। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के चेयरमैन जुफर फारुकी ने गणतंत्र दिवस पर यहां आज तिरंगा फहराया।

Publish Date:Tue, 26 Jan 2021 11:08 AM (IST) Author: Dharmendra Pandey

अयोध्या [शोभित श्रीवास्तव]। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अयोध्या में मिली पांच एकड़ भूमि पर प्रस्तावित धन्नीपुर मस्जिद प्रोजेक्ट की शुरुआत मंगलवार को तिरंगा फहराकर व पौधारोपण कर हुई। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट ने बेहद सादे समारोह में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए धन्नीपुर प्रोजेक्ट मानवता को समर्पित किया। यहां पर मस्जिद के अलावा 200 बेड का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, इंडो इस्लामिक कल्चरल रिसर्च सेंटर, म्यूजियम, लाइब्रेरी व कम्युनिटी किचन बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में करीब ढाई साल का समय लगेगा। 

इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने धन्नीपुर प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए गणतंत्र दिवस का दिन चुना। ट्रस्ट को सोहावल तहसील के गांव धन्नीपुर में पांच एकड़ भूमि मिली है। इस भूमि के एक छोर में धन्नीपुर गांव है तो दूसरे छोर में रौनाही गांव है। भूमि अयोध्या- लखनऊ हाईवे से लगी सोहावल तहसील के धनीपुर राजस्व गांव में है। यह गांव राम जन्मभूमि से करीब 25 किलोमीटर दूर है, जहां  भगवान राम का मंदिर बनाया जा रहा है।

ट्रस्ट के अध्यक्ष जुफर फारूकी ने मंगलवार को सबसे पहले राष्ट्रीय ध्वज फहराकर, उसे सलामी दी। इसके बाद हुए राष्ट्रगान ने पूरा माहौल राष्ट्रभक्तिमय बना दिया। उन्होंने इमली का पौधा रोपकर धन्नीपुर प्रोजेक्ट की औपचारिक शुरुआत की। उन्होंने कहा कि शरीयत में मस्जिद की नींव रखने का कोई प्रावधान नहीं है इसलिए बेहद सादे समारोह में इस प्रोजेक्ट को शुरू किया जा रहा है। धन्नीपुर मस्जिद गंगा जमुनी तहजीब के साथ ही पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश पूरे विश्व में देगी। इसलिए इस भूमि के करीब आधे हिस्से को ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां दुनिया भर से फलदार व छायादार पौधे लाकर लगाए जाएंगे।

फारूकी ने इस दौरान यहां पर इमली का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। इस मौके पर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष अदनान फार्रुख, सचिव अतहर हुसैन, इमरान अहमद, डॉ शेख सौदुजजमा व मोहम्मद राशिद ने भी पौधारोपण किया। इन सभी के साथ गांव के प्रधान मेराज अहमद खान भी थे।

ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ने बताया कि हम धन्नीपुर मस्जिद प्रोजेक्ट को मानवता को समर्पित कर रहे हैं। यहां बनने वाले 200 बेड के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का सबसे अधिक लाभ स्थानीय लोगों को होगा। उन्हें अपने गांव के पास ही बेहद सस्ता और अच्छा इलाज मिल जाएगा। यहां प्रस्तावित कम्युनिटी किचन से हर दिन आस-पास की करीब दो हजार गरीब महिलाओं व बच्चों को मुफ्त खाना वितरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज-कल क्लाइमेट चेंज एक बड़ा गंभीर मुद्दा है इसलिए हम यहां से पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। हम अच्छी नीयत से समाज के लिए यह प्रोजेक्ट लेकर आ रहे हैं अल्लाह ही इसे पूरा करने में हमारी मदद करेगा। इस मौके पर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष अदनान फर्रुख शाह, सचिव अतहर हुसैन, सदस्य डॉ शेख सौदुजजमां, इमरान अहमद व मोहम्मद राशिद ने भी पौधारोपण किया। कार्यक्रम में टीले वाली मस्जिद के मौलाना वसीफुर रहमान, ट्रस्ट के चीफ फाइनेंस ऑफिसर इकरामुल्लाह, सैफुद्दीन, शोएब अहमद, साजिया फख्र आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

120 करोड़ रुपये से अधिक खर्च का अनुमान: धन्नीपुर प्रोजेक्ट में करीब 120 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। ट्रस्ट के प्रवक्ता ने बताया कि 200 बेड के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में ही 100 करोड़ रुपये से ऊपर खर्च होने का अनुमान है। इसके अलावा मस्जिद, म्यूजियम, लाइब्रेरी, कम्युनिटी किचन, इंडो इस्लामिक कल्चरल रिसर्च सेंटर बनाने में करीब 20 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होगी।

घर-घर जाकर नहीं लेंगे चंदा: ट्रस्ट के सचिव व प्रवक्ता अतहर हुसैन ने कहा कि हम घर घर जाकर चंदा नहीं लेंगे। नकद चंदा भी ट्रस्ट नहीं लेगा। मस्जिद व अस्पताल के लिए चंदा केवल बैंक खाते के माध्यम से लिया जाएगा। इस मौके पर दो स्थानीय नागरिक राजेश कुमार सिंह व सुनीता सेंगर ने 11-11 हजार रुपये का चेक ट्रस्ट के अध्यक्ष जुफर फारूकी को दिया।

मस्जिद के साथ होगा हॉस्पिटल तथा संग्रहालय का निर्माण : अयोध्या के रौनाही में पांच एकड़ जमीन पर इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन एक सुंदर मस्जिद के अलावा एक संग्रहालय, लाइब्रेरी और एक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का निर्माण भी कराएगा। इसमें दो सौ मरीजों के इलाज की बेहतर व्यवस्था होगी। इसके अलावा एक सामुदायिक किचन बनाने का भी प्रस्ताव है, जिसमें रोजाना हजार लोगों को भोजन कराया जा सके। अयोध्या के रौनाही में पांच एकड़ जमीन पर इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन एक सुंदर मस्जिद के अलावा एक संग्रहालय, लाइब्रेरी और एक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का निर्माण भी कराएगा। इसमें दो सौ मरीजों के इलाज की बेहतर व्यवस्था होगी। इसके अलावा एक सामुदायिक किचन बनाने का भी प्रस्ताव है, जिसमें रोजाना हजार लोगों को भोजन कराया जा सके। 

अहमदुल्लाह शाह को समर्पित : ट्रस्ट इस मस्जिद के प्रोजेक्ट को अयोध्या के महान स्वतंत्रता सेनानी मौलवी अहमदुल्लाह शाह को समर्पित कर सकता है। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के सचिव अतहर हुसैन ने कहा कि ट्रस्ट अयोध्या मस्जिद परियोजना को महान स्वतंत्रता सेनानी मौलवी अहमदुल्लाह शाह को समॢपत करने के प्रस्ताव पर बहुत गंभीरता से सोच रहा है। हमें अलग प्लेटफार्मों से सुझाव मिले हैं। यह एक अच्छा सुझाव है। आधिकारिक तौर पर विचार-विमर्श के बाद इसकी घोषणा करेंगे।

यहां की मिट्टी को खोदकर उसको परीक्षण के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया भी की गई। धन्नीपुर गांव में मजदूरों ने काफी मात्रा में मिट्टी निकाली है। इसको परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। मस्जिद निर्माण कार्य शुरू होने से पहले तकनीकी संस्था ने मस्जिद निर्माण स्थल पर 20 फुट गहराई से मिट्टी निकाल कर भूमि परीक्षण का कार्य शुरू कर दिया। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि इस स्थान पर विशालकाय आकार के भवन का निर्माण किया जा सकता है या नहीं। कंपनी के कर्मचारियों के अनुसार जमीन की सतह से 20 मीटर गहराई तक की भूमि की टेस्टिंग की जाएगी। मिट्टी की टेस्टिंग प्रक्रिया में तीन दिन का समय लगेगा। इस टेस्टिंग प्रक्रिया में पता लगाया जाएगा कि जमीन से नीचे कितनी दूरी पर पानी मौजूद है।

हॉस्पिटल बनने से सबसे अधिक खुश हैं स्थानीय निवासी: धन्नीपुर प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय लोगों में भी बेहद उत्साह है। उनका मानना है कि अभी तक अयोध्या में मंदिर मस्जिद विवाद के कारण दोनों कौम में आपसी खटास रहती थी। धन्नीपुर प्रोजेक्ट सौहार्द, भाईचारे व गंगा जमुनी तहजीब का प्रतीक बनेगा। रौनाही गांव की प्रधान नजमुन निशा व उनके पति मेराज अहमद खां कहते हैं कि मस्जिद के साथ ही यहां बनने वाले हॉस्पिटल, कम्युनिटी किचन, लाइब्रेरी व म्यूजियम का सीधा लाभ आस-पास के ग्रामीणों को सबसे अधिक होगा। गरीब कुपोषित महिलाओं व बच्चों को मुफ्त खाना मिलेगा। इलाज के लिए उन्हें दूर नहीं भटकना पड़ेगा। पास के ग्राम कोला में रहने वाले नबीउल्लाह कहते हैं कि धन्नीपुर प्रोजेक्ट के शुरू होने से इस क्षेत्र का नक्शा बदल जाएगा। अभी तक देश तोड़ने की बातें ज्यादा होती थीं, यहां बनने वाला हॉस्पिटल सभी धर्मों के लोगों का इलाज कर समाज को जोड़ने का काम करेगा। अब सोहावल तहसील तरक्की के रास्ते पर चलेगा। विश्व के नक्शे पर सोहावल का नाम होगा। रौनाही के वहाज अहमद खुश इस बात से हैं कि अब उनके गांव में हॉस्पिटल व कम्युनिटी किचन बनने जा रहा है। इसका फायदा आस पास के गरीबों को सबसे अधिक होगा। क्षेत्र का विकास होगा, पर्यटन बढ़ेगा तो रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। रौनाही के ही फिरोज खां को भी धन्नीपुर मस्जिद प्रोजेक्ट के शुरू होने से क्षेत्र में विकास हाेने की उम्मीद है।

मस्जिद में खास

भूतल

कुल क्षेत्रफल- 1717.6 वर्ग मीटर।

सभा स्थल-  622.16 वर्ग मीटर।

नमाज पढ़ने का स्थल- 734.83 वर्ग मीटर।

कुल क्षमता- 550 व्यक्ति।

प्रथम तल

कुल क्षेत्रफल - 1143.46 वर्ग मीटर।

सभा स्थल - 543.62 वर्ग मीटर।

नमाज पढ़ने का स्थल - 548 वर्ग मीटर।

कुल क्षमता - 450 व्यक्ति।

अस्पताल में खास

कुल क्षेत्रफल - 24150 वर्ग मीटर।

बेसमेंट - 9000 वर्ग मीटर।

कुल तल - पांच।

भूतल - ओपीडी, इमरजेंसी वार्ड, फार्मेसी, डायगनोस्टिक सेंटर, वेटिंग एरिया।

प्रथम तल - मैटरनिटी वार्ड, ऑपरेशन थियेटर, स्टाॅफ जोन, वेटिंग एरिया, नर्स स्टेशन, आइसीयू, एनआइसीयू।

द्वितीय तल - फार्मेसी, नर्स स्टेशन, जनरल वार्ड, शेयर्ड वार्ड, स्पेशल वार्ड, स्टॉफ एरिया, कैफेटेरिया, प्रतीक्षालय।

तृतीय तल - फार्मेसी, नर्स स्टेशन, जनरल वार्ड, शेयर्ड वार्ड, स्पेशल वार्ड, स्टॉफ एरिया, कैफेटेरिया, वेटिंग एरिया।

चतुर्थ तल - फार्मेसी, नर्स स्टेशन, जनरल वार्ड, शेयर्ड वार्ड, स्पेशल वार्ड, स्टॉफ एरिया, कैफेटेरिया, वेटिंग एरिया।

म्यूजियम

कुल क्षेत्रफल - 500 वर्ग मीटर।

पुस्तकालय- 118.4 वर्ग मीटर।

गौरतलब है कि नौ नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या भूमि विवाद में एक बड़ा फैसला सुनाते हुए विवादित भूमि को रामलला का जन्मस्थान मानते हुए उस पूरी भूमि को रामलला ट्रस्ट को सौंप दिया था। इसके साथ ही मामले में दूसरे पक्ष को राम जन्मभूमि से करीब 25 किलोमीटर दूर रौनाही के धन्नीपुर में मस्जिद बनाने के लिए भी पांच एकड़ जमीन दी गई थी, जिस पर अब मस्जिद का निर्माण शुरू होगा।

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