Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर के लिए इकबाल अंसारी ने दिया गुप्त दान, कभी मस्जिद बनाने के लिए लड़ा था केस

इकबाल अंसारी ने मरहूम पिता मोहम्मद हाशिम अंसारी, पत्नी तथा दो बेटों के नाम से भी कूपन कटवाया।

Ayodhya Ram Mandir बाबरी मस्जिद के मुद्दई रहे इकबाल अंसारी की भी अब भगवान श्रीराम के प्रति बढ़ गई है। राममंदिर के लिए 44 दिनी निधि समर्पण के अंतिम दिन शनिवार को इकबाल अंसारी ने भी श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए गुप्त दान दिया है।

Dharmendra PandeySun, 28 Feb 2021 01:57 PM (IST)

अयोध्या, जेएनएन। रामनगरी अयोध्या में श्रीराम मंदिर को लेकर कई दशक में लम्बे विवाद के दौरान बाबरी मस्जिद के मुद्दई रहे इकबाल अंसारी की भी अब भगवान श्रीराम के प्रति बढ़ गई है। राममंदिर के लिए 44 दिनी निधि समर्पण के अंतिम दिन शनिवार को इकबाल अंसारी ने भी श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए गुप्त दान दिया है।

इकबाल अंसारी ने अपने वालिद व बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार हाजी मोहम्मद हाशिम अंसारी, पत्नी, बेटे और बेटी सहित अपने नाम का कूपन भी कटवाया है। इकबाल अंसारी ने राधाकृष्ण की फोटो छपे लिफाफा में अंशदान धन रखकर समर्पण निधि समर्पित किया। इकबाल अंसारी ने शनिवार को दान के बाद अपने आवास पर आरएसएस के महानगर प्रचारक अनिल से मंदिर निर्माण के लिए दान का कूपन प्राप्त किया। उन्होंने न केवल स्वयं के नाम से बल्कि अपने मरहूम पिता एवं बाबरी मस्जिद के मुद्दई रहे मोहम्मद हाशिम अंसारी, पत्नी तथा दो बेटों के नाम से भी कूपन कटवाया।

इस अवसर पर इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण से देश की तरक्की का रास्ता खुलेगा और इससे राष्ट्रीय एकता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने दान दी गई धनराशि का ब्यौरा देने से साफ इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह तो आस्था का विषय है। इसे गोपनीय ही रहने दें। उन्होंने कहा कि हमारा मजहब इस्लाम कहता है कि दान गुप्त ही देना चाहिए। एक हाथ से दिया गया दान दूसरे हाथ को मालूम नहीं हो, उनका कहना है कि धर्म के कार्य के लिए सभी को दान करना चाहिए, दान लेना हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्मों में मान्य है।

अंसारी ने कहा कि वह चाहते हैं कि देश में अमन शांति रहे। दोनों धर्मों के बीच भाईचारा रहे इसके लिए वह दुआ भी करते हैं। इकबाल अंसारी ने हाल ही में राम मंदिर निर्माण के लिए अब श्रमदान भी करने की जताई इच्छा जताई थी। इकबाल अंसारी चाहते है कि अयोध्या से देश में ही नहीं विश्व भर में अब हिंदू-मुस्लिम एकता का एक संदेश प्रसारित हो। इसके साथ ही अंसारी ने पूरे देश के हिंदू और मुसलमानों से राम मंदिर निर्माण में आॢथक सहयोग करने की अपील भी की। इकबाल अंसारी ने कहा कि अगर मौका मिला तो वह भी रामलला के मंदिर के लिए श्रमदान करेंगे। अंसारी ने कहा था कि वह चाहते हैं कि देश में अमन शांति रहे। दोनों धर्मों के बीच भाईचारा रहे इसके लिए वह दुआ भी करते हैं। भले ही इकबाल अंसारी बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहें हो पर उन्होंने हमेशा भाईचारा की बात ही है। इससे पहले जब राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना सुप्रीम फैसला नहीं सुनाया था, तब भी वह भाईचारे की बात करते थे।

देश भर में 15 फरवरी को शुरु हुए निधि समर्पण अभियान में राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति तथा कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इसमें अपना योगदान दिया। यहां के श्रीराम मंदिर के लिए दुनिया का सबसे बड़ा धनराशि संग्रह अभियान संत रविदास जयंती यानी शनिवार 27 फरवरी को पूर्ण हो गया। अभियान 15 जनवरी मकर संक्रांति के दिन शुरू होकर माघी पूॢणमा पर समाप्त हुआ।

अयोध्या में बीते वर्ष पांच अगस्त को श्रीराम मंदिर के नींव तथा भूमि पूजन कार्यक्रम में भी इकबाल अंसारी को आमंत्रित किया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने यहां पर भूमि तथा नींव पूजन किया था, जिसमें देश भर के चुनिंदा नामचीन आमंत्रित थे। उनमें इकबाल अंसारी भी थे।  

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.