Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर की नींव के 12 टेस्ट पिलर्स तैयार, भार क्षमता जांचने का काम पूरा

1200 पिलर्स की पाइलिंग एक मीटर व्यास के दायरे मे करीब 33 मीटर गहराई तक की जाएगी
Publish Date:Thu, 29 Oct 2020 06:26 PM (IST) Author: Dharmendra Pandey

अयोध्या, जेएनएन। भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में भव्य तथा बेहद मजबूत राम मंदिर की नींव के 12 टेस्ट पिलर्स का काम पूरा हो गया है। इसके साथ ही भार क्षमता की जांच भी की गई है।

अयोध्या में 12 टेस्ट पिलर्स की भार क्षमता की जांच का काम आईआईटी से आई इंजीनियर्स की टीम ने पूरा कर लिया है। टेस्ट पिलर्स पर सात सौ टन वजन का लोड डाल कर परीक्षण किया गया। ट्रस्ट के सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्र के मुताबिक टेस्ट पिलर्स पर लोड टेस्टिंग की रिपोर्ट मिलने के बाद मंदिर के नींव के 1200 पिलर्स का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

1200 पिलर्स की पाइलिंग एक मीटर व्यास के दायरे मे करीब 33 मीटर गहराई तक की जाएगी। निर्माण इकाई एलएंडटी, आईआईटी चेन्नई और रूड़की की इंजिनियरिंग टीम इसकी नींव की मजबूती एक हजार वर्ष तक बनाए रखने के लिए इसका परीक्षण करवा रही है। इसमें भूकंपरोधी और बाढऱोधी क्षमता का परीक्षण कई क्रमों में किया गया है। बीते तीन दिनों से चेन्नई की टीम यहां पर चार-चार पिलर्स के तीन सेट के 12 टेस्ट पिलर्स पर लोड डाल का परीक्षण कर रही थी।

नृपेंद्र मिश्र भी अयोध्या पहुंचे

मंदिर के पिलर्स का निर्माण शुरू करने के पहले राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र भी अयोध्या पहुंच गए हैं। उनका शुक्रवार को यहां पर निर्माण कार्य में लगी एजेंसियों के कर्मियों के साथ बैठक होगी। मंदिर स्थल से मशीनों और 700 टन के वजन को भी हटा दिया गया है।

इससे संकेत मिला है कि मंदिर के पिलर्स का निर्माण जल्द शुरू होगा। पहले इसका निर्माण 15 अक्टूबर से शुरू होना तय था। जो लोड टेस्टिंग के परीक्षण रिपोर्ट के कारण समय से नहीं शुरू किया जा सका था।

राम नगरी को भव्य बनाने की कवायद ने गति पकड़ी

राम नगरी अयोध्या के स्वरूप को बेहद भव्य बनाने की कवायद जारी है। यहां गुरुवार को अयोध्या मास्टर प्लान 2031 को लेकर अयोध्या विकास प्राधिकरण की बैठक हुई। जिसमें अयोध्या के भावी विकास को लेकर मंथन हुआ। विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की।

इस बैठक में 25 विभागों के अधिकारी मौजूद थे। यहां अमृत योजना के तहत मास्टर प्लान 2031 बन रहा है। जिसको एसएसनेटिक कंपनी बना रही है। इसके लिए 25 विभागों ने अपना प्रस्ताव दिया है। सभी का प्रस्ताव मास्टर प्लान में शामिल होगा। सर्वे का काम पूरा होने के बाद ब्ल्यू प्रिंट तैयार किया गया है। अयोध्या का मास्टर प्लान 2031 मार्च 2021 तक तैयार हो जाएगा।  

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