एसआइटी गठन के बावजूद पीली ईंटों का इस्तेमाल

एसआइटी गठन के बावजूद पीली ईंटों का इस्तेमाल

आवास विकास परिषद के निर्माण पर उठी अंगुली. पीली ईंट का इस्तेमाल देख बिफरे विधायक प्रतिनिधि.

Publish Date:Mon, 30 Nov 2020 11:39 PM (IST) Author: Jagran

अयोध्या: ब्लॉक सोहावल में निर्माणाधीन आइटीआइ हाजीपुर बरसेंडी में पीले ईंट के इस्तेमाल को लेकर बीकापुर विधायक शोभा सिंह चौहान के प्रतिनिधि डॉ. अमित सिंह चौहान सोमवार को बिफर गए। कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद की यह स्थिति उनके सामने तब आई जब 10 दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिल कर आइटीआइ के निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की विधायक मांग कर चुकी हैं। विधायक की शिकायत पर एसआइटी गठित कर एक पखवारे में निर्माण कार्य की जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए अपर मुख्य सचिव, व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यमंत्री निर्देशित कर चुके हैं। निर्माणाधीन आइटीआइ विधायक के गांव महोली से लगी ग्राम पंचायत हाजीपुर बरसेंडी में है। लगभग सवा छह करोड़ की लागत से आइटीआइ के निर्माण की शुरुआत कराने वाली संस्था लैकफेड के आधा-अधूरा काम छोड़ने के कारण ब्लैकलिस्ट हो चुकी है। लगभग एक करोड़ 32 लाख रुपये उसने निर्माण पर खर्च किये थे। विधायक के दबाव के बाद तीन वर्ष पहले अक्टूबर 2017 में उसके निर्माण कार्य का आकलन करने के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी ने कमेटी गठित की थी। कमेटी की रिपोर्ट के बाद आवास विकास परिषद को अधूरा कार्य पूरा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। पीले ईंट लगाने में वह लैकफेड संस्था से भी दो कदम आगे बढ़ गई। डॉ. अमित के अनुसार निर्माण पूरा कराने के लिए दो करोड़ रुपये शासन से आवंटित हुए हैं जिससे आइटीआइ का लाभ क्षेत्र के युवाओं को मिल सके। आरोप लगाया कि कार्यदायी संस्था की शह पर निर्माण कार्य में लूट खसोट जारी है। आइटीआइ प्रधानाचार्य केके लाल ने कहा वह मंगलवार को निर्माण कार्य देखने जाएंगे। निर्माण कार्य में कार्यदायी संस्था व ठेकेदार की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी।

विधायक ही नहीं सीएमओ भी आवास विकास परिषद से खफा

अयोध्या: रुदौली तहसील में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुनवा अभी शुरू नहीं हो सका। 30 बेड का यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करीब छह करोड़ की लागत से निर्माणाधीन है। कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद ने हॉस्पिटल भवन स्वास्थ्य विभाग को एक वर्ष पहले हैंडओवर किया, तभी से डॉक्टर व कर्मचारियों के आवास का निर्माण पूर्ण होने का इंतजार है। सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह के अनुसार अक्टूबर 2017 में कार्यदायी संस्था को इसे पूरा करना था। तीन वर्ष हो गए पूरा नहीं किया। यह स्थिति तब है जब स्वीकृति धनराशि का शत-प्रतिशत भुगतान संस्था को पहले ही किया जा चुका है। उनके अनुसार निर्माण पूरा न होने से अति पिछड़े क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है। कई बार कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य पूरा करने के लिए चेताया गया, पर सुधार नहीं हुआ। सीएमओ के अनुसार 15 दिन पहले नोटिस जारी कर एक माह में निर्माण कार्य पूरा न करने पर उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाने की चेतावनी दी गई है।

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