छेड़छाड़ का विरोध करने वाली मां की हत्या में उम्रकैद

जागरण संवाददाता इटावा तीन साल पूर्व दीपावली पर्व में घर में घुसकर लड़कियों से छेड़छाड़

JagranPublish:Wed, 08 Dec 2021 06:54 PM (IST) Updated:Wed, 08 Dec 2021 06:54 PM (IST)
छेड़छाड़ का विरोध करने वाली मां की हत्या में उम्रकैद
छेड़छाड़ का विरोध करने वाली मां की हत्या में उम्रकैद

जागरण संवाददाता, इटावा : तीन साल पूर्व दीपावली पर्व में घर में घुसकर लड़कियों से छेड़छाड़ का विरोध करने वाली मां की गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस मामले के आरोपित को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट कल्पना द्वितीय ने दोषी माना, उसे आजीवन कारावास तथा 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। महज तीन साल में निर्णय होने से पीड़ित पक्ष ने राहत महसूस की जबकि अपराधियों में कानून का भय व्याप्त हुआ।

सहायक शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह वर्मा ने बताया कि सात नवंबर 2018 को थाना सैफई में संदीप उर्फ संजीव पुत्र रामाधार गांव लरखौर सैफई के खिलाफ उपरोक्त आशय का अभियोग दर्ज कराया गया था। कहा गया था कि दीपावली पर्व पर शाम साढ़े छह बजे करीब 60 वर्षीय महिला घर के बाहर सफाई कर रही थी। इसी दौरान संजीव घर में घुसकर लड़कियों के साथ छेड़खानी करने लगा। महिला ने प्रतिरोध करते हुए रोका तो वह तमंचा से गोली मारकर भाग गया। महिला को शीघ्रता से यूपीयूएमएस सैफई लाया जा रहा था लेकिन उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। महिला के पुत्र ने अभियोग दर्ज कराया था। तत्कालीन थाना प्रभारी जीवालाल ने उसी रात दविश देकर संजीव को पकड़कर उसकी निशानदेही पर तमंचा बरामद कर लिया था। पुलिस ने विवेचना करके तीन जनवरी 2019 को न्यायालय में संजीव के खिलाफ आरोपपत्र प्रस्तुत कर दिया था। पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों को प्रस्तुत करके कड़ा दंड दिए जाने का अनुरोध किया गया। आरोपित के अधिवक्ता साक्ष्यों को संदेहजनक करने में विफल रहे। अपर सत्र न्यायाधीश कल्पना द्वितीय ने दोनों पक्षों को विस्तार से सुनने के पश्चात उपरोक्त निर्णय सुनाया।

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बाइक से बालक की मृत्यु होने से मिला दंड

जागरण संवाददाता, इटावा : 14 साल पूर्व बाइक की टक्कर से चार वर्ष के बालक की मृत्यु होने के मामले में आरोपित को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिलीप कुमार सचान ने दोषी माना। इसके तहत उसे एक वर्ष का कारावास तथा तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

डीबीए प्रवक्ता रामसरन यादव ने बताया कि थाना सिविल लाइन में दिबारी लाल ऊसरा अड्डा ने इसी अड्डा के खेम सिंह पुत्र रामसनेही के विरुद्ध अभियोग दर्ज कराया था। कहा गया था कि 20 जुलाई 2007 को वादी की पत्नी सीमा अपने चार वर्षीय पुत्र मनीष को लेकर गली में स्थित दुकान पर जा रही थी तभी बाइक से टक्कर मार दी जिससे मनीष सिर के बल गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिला अस्पताल ले जाने तक उसने दम तोड़ दिया था। अभियोजन अधिकारी अनार सिंह ने इस लंबित प्रकरण में शीघ्रता से साक्ष्य प्रस्तुत कराएं तब दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिलीप कुमार सचान ने उपरोक्त निर्णय सुनाया।