घर के पास आधा घंटे पड़ा रहा लहूलुहान मोनू का शव

घर के पास आधा घंटे पड़ा रहा लहूलुहान मोनू का शव

जागरण संवाददाता इटावा जितेंद्र वर्मा उर्फ मोनू के सिर में एक के बाद एक चार गोलियां उतार

JagranFri, 26 Feb 2021 06:09 PM (IST)

जागरण संवाददाता, इटावा : जितेंद्र वर्मा उर्फ मोनू के सिर में एक के बाद एक चार गोलियां उतार कर भागे कातिल पास में ही लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। हत्या के करीब आधा घंटे तक लहूलुहान मोनू का शव घर से चंद कदमों की दूरी पर पड़ा रहा और कबीरगंज गोशाला मोहल्ले का कोई शख्स हमलावरों की दहशत से शव के करीब पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा सका। कातिल भी ताबड़तोड़ फायरिग करने के बाद तभी भागे जब उनको यकीन हो गया कि मोनू ने दम तोड़ दिया है। गोलियों की आवाज और पति की चीख सुनकर सिर्फ प्राची दौड़कर शव के पास पहुंची थी। उसके साथ 10 साल का बेटा यश, सात साल का शिवा और 10 माह की बेटी पायल आधा घंटे तक बिलखते हुए रात के सन्नाटे को तोड़ते रहे थे।

प्राची वर्मा ने बताया कि पति मोनू की बाइक की आवाज सुनकर वह दरवाजे पर आकर खड़ी हुई थी, तभी पति की पांच असलाहधारी लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिग कर हत्या कर दी। वह पति को बचाने के लिए दौड़ी तो हमलावर ने उनको धमकाया और भाग गए। पूर्व सभासद विमल वर्मा ने बताया कि उनका भाई मोनू आगामी निकाय चुनाव के लिए तैयारी कर रहा था, जिसको लेकर कुछ लोग रंजिश मान रहे थे।

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एक माह पहले जमानत पर छूटा था मोनू

पिछले साल दीपावली वाले दिन 14 नवंबर को मोहल्ला मकसूदपुरा में दबग्रान रोड पर सर्राफ रामचंद्र पुत्र किशोरीलाल निवासी मोहल्ला कबीरगंज को गोली मारी गई थी। गोली सिर के दाईं तरफ फंस गई थी। उनको नाजुक हालत में नगर के निजी हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। तब पंकज वर्मा पुत्र मदन लाल वर्मा तथा उसके छोटे भाई जितेंद्र वर्मा उर्फ मोनू को जानलेवा हमला में आरोपित करते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने दोनों आरोपित भाइयों को गिरफ्तार किया। इनमें पंकज वर्मा जेल में है जबकि जितेंद्र वर्मा उर्फ मोनू करीब एक माह पहले ही जमानत पर छूटकर आया था। हालांकि पीड़ित की तरफ से लूट का भी आरोप लगाया गया था लेकिन मामला जानलेवा हमले की धारा में ही दर्ज किया गया था।

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ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था

पोस्टमार्टम हाउस पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य ने हत्या पर रोष व्यक्त करते हुए नामजद आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा, मृतक के स्वजन को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक मदद की मांग की है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था इटावा क्या पूरे प्रदेश में ध्वस्त हो चुकी है। इस मौके पर आशीष पटेल, पूर्व सभासद अतुलेश वर्मा, लक्ष्मण वर्मा, आलोक पटेल, शिवनारायण शाक्य, हरिहरनाथ वर्मा मौजूद रहे।

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