453 साल पुराने राम जानकी मंदिर का होगा सौंदर्यीकरण

453 साल पुराने राम जानकी मंदिर का होगा सौंदर्यीकरण

संवाद सूत्र वैदपुरा कस्बा में स्थित श्री ठाकुर देवालय राम जानकी मंदिर भक्तों की आस्था का के

Publish Date:Wed, 05 Aug 2020 06:33 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सूत्र, वैदपुरा : कस्बा में स्थित श्री ठाकुर देवालय राम जानकी मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। करीब 453 वर्ष पुराने इस मंदिर की हालत काफी खराब हो गई थी। जिसका सौंदर्यीकरण कराने का जिम्मा भोले शंकर सेवा समिति ने लिया है। यह मंदिर उड़ीसा से पधारे संत नागा साधु श्रीआनंदेश्वर गिरी महाराज ने बनवारी लाल तिवारी की प्रेरणा से मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर के लिए भूमि राजा जाधव राव ने दी थी। बनवारी लाल तिवारी उनके यहां पुरोहित थे, यह संत तिवारी जी के पास आकर रुके तो उन्होंने राम मंदिर बनवाने का प्रस्ताव रखा। क्योंकि बनवारी लाल तिवारी काफी धार्मिक प्रवृत्ति के थे और हमेशा राम राम रटते रहते थे और राम का ही नाम लिखते रहते थे। यह राम भक्त थे इसलिए उन्होंने राम जानकी मंदिर का प्रस्ताव रखा और राम मंदिर का कार्य पूर्ण कराया। मंदिर की हालत काफी खराब हो गई थी फिर यहां उनके ही परिवार के अखिलेश तिवारी ने भोले शंकर सेवा समिति का गठन किया और प्राचीन शिव मंदिर के साथ-साथ राम जानकी मंदिर के भी जीर्णोद्धार का जिम्मा लिया। मंदिर की सुंदरता में चार चांद लगने लगे तो एक बार मंदिर से नादिया की मूर्ति भी चोरी हो गई थी। भगवान राम ने राम रतन तिवारी को स्वप्न दिया की नंदी नदी के किनारे बैठे हुए हैं उनको ले आओ। वह बैलगाड़ी से नंदी को ले आए जो एक बार राम जानकी के दर्शन मात्र कर लेता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। वैसे तो यह मंदिर प्राचीन शिव मंदिर वैदपुरा के नाम से जाना जाता है इसके आसपास पशु मेला भी लगता है और राम जानकी मंदिर के ही नाम से वैदपुरा का एक मजरा स्थापित किया गया जिसका नाम नगला रामश्री रखा गया। भगवान राम की स्तुति की गई बुधवार को भोले शंकर सेवा समिति की तरफ से मंदिर पर पधारे 5 साधु संतों के द्वारा अनुष्ठान रखा गया था। भगवान श्री राम की स्तुति की गई और उनके भजन का भी गुणगान किया गया। अखिलेश तिवारी ने बताया कि वह संकल्प लेते हैं कि अपने जीवन की 30 फीसद कमाई मंदिर के जीर्णोद्धार में लगाएंगे। भोले शंकर सेवा समिति के सहयोगी काफी तत्परता से सहयोग कर रहे हैं जिसमें मुख्य रूप से आचार्य राम द्विवेदी महाराज, आचार्य शैलेंद्र कृष्ण द्विवेदी महाराज, मनोज गुप्ता, रणवीर सिंह यादव, पप्पू यादव, भूपेंद्र वर्मा, आदेश शर्मा, अखिलेश पाल, निर्मल चंद गुप्ता, केके तिवारी इन राम भक्तों के अलावा समस्त भोले शंकर सेवा समिति का सराहनीय योगदान रहता है। श्री राम की स्तुति के बाद मंदिर पर दीप प्रज्वलित किए गए और प्रसाद वितरण किया गया।

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