बुखार से महिला की मौत, दर्जनभर और मरीज डेंगू पीड़ित मिले

ओपीडी में दिनभर लगी रही बुखार पीड़ित बच्चों को लेकर आए लोगों की भीड़ मेडिकल कालेज में डेंगू वार्ड फुल कई मरीज ठीक हुए

JagranThu, 23 Sep 2021 05:39 AM (IST)
बुखार से महिला की मौत, दर्जनभर और मरीज डेंगू पीड़ित मिले

जासं, एटा: मारहरा विकास खंड के अंतर्गत बुखार पीड़ित एक महिला की मौत हो गई, जबकि दर्जनभर और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। मेडिकल कालेज की ओपीडी में बाल रोग फैकल्टी में बुखार पीड़ित बच्चों को लेकर आने वालों की लंबी कतार लगी रही, जबकि डेंगू वार्ड पहले से ही फुल चल रहा है।

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार का प्रकोप हर दिन बढ़ रहा है। मेडिकल कालेज से लेकर निजी क्लीनिकों तक मरीजों की कतार है। बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इस बीच मारहरा विकास खंड के गांव नासिरपुर निवासी 40 वर्षीय अल्पना की बुखार से मौत हो गई। उसके परिवार वालों ने बताया कि महिला को चार-पांच दिन से बुखार आ रहा था। स्थानीय चिकित्सक के यहां इलाज चलता रहा, लेकिन चिकित्सक स्थिति काबू में नहीं कर पाए। बुधवार सुबह हालत जब और ज्यादा बिगड़ी तो परिवार के लोग मेडिकल कालेज ले आए, मगर तब तक महिला ने दम तोड़ दिया था। उधर, डेंगू के प्रारंभिक लक्षण पाए जाने वाले मरीजों का एलाइजा टेस्ट कराया गया, जिसमें दोपहर बाद तक पांच मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी थी, जबकि 24 घंटों के दौरान सात और लोग डेंगू पीड़ित पाए गए।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच शिविर लगाए गए, इन शिविरों में डाक्टरों की टीमें तैनात की गई थीं, जिन्होंने बुखार पीड़ित लोगों की जांच की। 16 और लोगों में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। डेंगू वार्ड में एक भी बेड खाली नहीं है। यह वार्ड कई दिन से फुल चल रहा है स्थिति यह है कि एक मरीज को डिस्चार्ज किया जाता है, तब तक दूसरा पहुंच जाता है। जिन मरीजों को डेंगू वार्ड में जगह नहीं मिल रही उन्हें सिविल वार्ड में ही रखा गया है, हालांकि मच्छरदानी उपलब्ध करा दी गई है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. उमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि सभी पीड़ितों का समुचित इलाज किया जा रहा है, स्वास्थ्य विभाग की टीमें अधिक से अधिक लोगों के टेस्ट कर रहीं हैं ताकि बुखार पीड़ितों को राहत मिल सके। स्वास्थ्य केंद्रों से मंगाए गए बेड

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मेडिकल कालेज में बेड की कमी न रहे इसलिए जनपद के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों से बेड मंगाए गए हैं। कुछ बेड चुरथरा स्थित कोविड अस्पताल के भी दिखाई दे रहे हैं। हालांकि इन बेड पर गद्दे नहीं बिछाए गए और वे यूं ही खाली दिखाई दे रहे हैं। अभी तक इन पर गद्दे बिछाने व अन्य सामान की व्यवस्था नहीं की गई है। तीमारदारों के लिए नहीं व्यवस्थाएं

--बुखार पीड़ित मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को मेडिकल कालेज में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उनके बैठने के लिए भी पर्याप्त स्थान नहीं है। तमाम बेड ऐसे हैं जिनके साथ एक स्टूल तक नहीं है, सिर्फ ओपीडी में चंद कुर्सियां पड़ी हैं उन पर बैठकर ही लोग वक्त गुजार रहे हैं। जिन लोगों को कुर्सिंयां नहीं मिल पातीं वे जमीन पर ही बैठ जाते हैं।

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