माकड्रिल: मेडिकल कालेज पहुंचते ही सात मिनट में उपचार

घर से लाकर पीकू वार्ड में भर्ती कराए बच्चे दूसरी बार परखी व्यवस्था

JagranSat, 25 Sep 2021 06:06 PM (IST)
माकड्रिल: मेडिकल कालेज पहुंचते ही सात मिनट में उपचार

जासं, एटा: मेडिकल कालेज में माकड्रिल हुआ। घर के बच्चों को लाया गया और अस्पताल पहुंचते ही सात मिनट में उनका उपचार शुरू हो गया। माकड्रिल सफल रही।

मेडिकल कालेज में समय-समय पर व्यवस्थाएं परखने के लिए माकड्रिल किया जाता है। यह देखा जाता है कि व्यवस्थाओं में कहीं कमी तो नहीं है। शुक्रवार को दोपहर के वक्त एक घर पर एंबुलेंस पहुंची और बच्चे को लेकर मेडिकल कालेज की एमसीएच विग ले आई, जहां पहले से ही स्ट्रेचर तैयार थे। तत्काल ही कर्मचारी बच्चों को लेकर पीडिया ट्रिक वार्ड में पहुंचे, जहां डाक्टर मौजूद थे। पांच मिनट में बच्चों का चेकअप कर लिया गया। बच्चों की पल्स देखी देखी गई और डेंगू का रैपिड टेस्ट किया गया। इंजेक्शन लगाए गए। एक बच्चे की हालत नाजुक थी, इसलिए तत्काल उसे पीकू वार्ड में ले जाया गया, जहां वेंटिलेटर लगाया गया। डाक्टरों की टीम सघन निगरानी कर रही थी। बच्चों के परिवार को पीकू वार्ड से अलग कर दिया गया। यह सारा नजारा लोग देख रहे थे। सीनियर डाक्टरों ने वेंटिलेटर आपरेटर को आवश्यक निर्देश दिए और जूनियर डाक्टरों से कहा कि वे निगरानी करते रहें। माकड्रिल सफल रही। सीएमएस डा. राजेश अग्रवाल, डा. एबी सिंह सहित कई कर्मचारी और डाक्टर मौजूद थे। संयुक्त निदेशक ने किया निरीक्षण, डेंगू वार्ड में पहुंचकर मरीजों से जाने हालचाल जासं, एटा: संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डा. एमएन अग्रवाल मेडिकल कालेज में पहुंचे और उन्होंने व्यवस्थाएं परखीं। अव्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने अधीनस्थों को निर्देश दिए थे कि मेडिकल कालेज में अगर अव्यवस्थाएं मिलीं तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने डेंगू वार्ड में जाकर मरीजों से हालचाल पूछे।

संयुक्त निदेशक ने शुक्रवार को दोपहर के वक्त मेडिकल कालेज का दौरान किया। उन्होंने सबसे पहले वैक्सीनेशन देखा, जहां टीका लगवाने के लिए लोगों की लंबी कतार लगी थी। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि बिना मास्क लगाए अगर कोई व्यक्ति टीका लगवाने आता है तो उसे पहले मास्क दिया जाए। उन्होंने मास्क की उपलब्धता के बारे में भी पूछा इसके बाद संयुक्त निदेशक पीडिया ट्रिक वार्ड में पहुंचे, जहां पूरा वार्ड फुल था। इस वार्ड में कुल 10 बेड हैं। सभी बेड पर बीमार बच्चे मौजूद थे। हर बेड पर मच्छरदानी भी लगी मिली। मौजूद स्टाफ से उन्होंने मिनी वेंटिलेटर का संचालन करने की प्रक्रिया भी पूछी। इस टेस्ट में कर्मचारी पास हो गए। पीडिया ट्रिक वार्ड के बराबर ही पीकू वार्ड है। इस वार्ड में हालांकि कोई बच्चा पहले से भर्ती नहीं था। फिर भी डाक्टरों से उन्होंने पूछताछ की। यह भी पूछा कि जब से पीकू वार्ड बना है, तब से कोई बच्चा भर्ती हुआ या नहीं। डेंगू वार्ड में पहुंचकर संयुक्त निदेशक ने वहां की सफाई व्यवस्था के बारे में पूछा। इस वार्ड में सभी बेड फुल थे, लेकिन मरीजों के साथ तीमारदारों की संख्या अधिक थी। इस वजह से वार्ड में गहमागहमी का माहौल था। संयुक्त निदेशक ने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि वार्ड के अंदर एक मरीज के साथ एक ही तीमारदार रहेगा। उन्होंने आक्सीजन प्लांट के बारे में जानकारी ली। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. राजेश गुप्ता भी साथ रहे।

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