जिला अस्पताल में दंत रोग विभाग की रार, मरीज परेशान

जिला अस्पताल में दंत रोग विभाग की रार, मरीज परेशान
Publish Date:Sat, 24 Oct 2020 06:26 AM (IST) Author: Jagran

एटा: जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के बाद अब दंत रोग विभाग में भी रार पड़ गई है। संविदा चिकित्सक को यहां से हटा दिया गया है, जबकि नियमित चिकित्सक बहुत कम आते हैं। ऐसे में मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

जिला अस्पताल में दंत चिकित्सक का एक ही पद है। पूर्व में यहां कोई नियमित चिकित्सक न होने पर मारहरा सीएचसी के संविदा चिकित्सक डा. यूनिस नवेद को जिला अस्पताल से संबद्ध कर लिया गया था। हालांकि, करीब तीन साल पहले नियमित चिकित्सक के रूप में डा. जयेश करौली को यहां भेज दिया गया था। उस समय अस्पताल प्रशासन को दो चिकित्सक रखने में कोई एतराज नहीं हुआ। डा. नवेद को उनके मूल तैनाती स्थल पर नहीं भेजा गया। पिछले साल डा. करौली को हार्ट अटैक हुआ और तबसे उनका अस्पताल आना बेहद कम रहा। डा. नवेद ही दंत रोग विभाग को संभाले हुए थे। ऐसे में गुरुवार को सीएमएस ने उन्हें हटाने का आदेश जारी कर दिया। शुक्रवार को उन्हें वापस कर दिया गया। जबकि डा. करौली भी नहीं थे। ऐसे में चिकित्सकों की कुर्सियां खाली पड़ी रहीं और मरीज भटकने के बाद मायूस होकर लौटते रहे। सीएमएस डा. राजेश अग्रवाल का कहना है कि डा. नवेद का मानदेय आना बंद हो गया जिसके चलते उन्हें यहां आने से मना किया गया है। सीएमओ से मार्गदर्शन प्राप्त करने को कहा गया है। डा. जयेश करौली नियमित चिकित्सक हैं। नहीं आएंगे तो वेतन कटौती की कार्रवाई की जाएगी।

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