भाकियू ने प्रदर्शन कर जताया आक्रोश

एटा, जासं। पिछले एक माह से मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन के पीड़ित किसानों का धैर्य सोमवार को टूट गया। गुस्साए किसानों ने कलक्ट्रेट कैंपस में जिला प्रशासन के अड़ियल रवैये के विरोध में प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि बीते एक माह से प्रशासन ने धरने पर बैठने के बाद पीड़ित किसानों की कोई सुधि नहीं ली। जबकि कई बार अधिकारियों को लिखित और मौखिक तौर पर समस्या से अवगत कराया गया।

दरअसल, कलक्ट्रेट मुख्यालय स्थित धरनास्थल पर किसान महेशचंद्र और उमेशचंद्र धरने पर बैठे हैं। उन्हें धरने पर बैठे पूरा एक माह बीत जाने के बाद भी उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं किया जा सका। न ही अवैध कब्जे को हटाने की कार्यवाही की गई। इसी तरह साथां नवीपुर में पट्टे की भूमि पर हुए कब्जे तथा गिरौरा में अनुसूचित जाति के पट्टे को कब्जा मुक्त नहीं किया गया। अधिकारियों की धमकी से भी किसानों में खासा आक्रोश है। किसानों ने तहसीलदार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। साथ ही उनके स्थानांतरण की भी मांग उठाई। इस आशय का पीड़ित किसानों ने जिलाधिकारी सुखलाल भारती को ज्ञापन प्रेषित किया।

इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष रमेशचंद्र सिंह यादव, जिला प्रभारी राजेंद्र सिंह, मुन्नालाल, अनूप सिंह, दयाराम शाक्य, हाकिम सिंह प्रधान, महावीर सिंह, कंठश्री, गीतमसिंह, उजागर सिंह, सुभाष पालीवाल, अशोक कुमार, प्रीति, देवेंद्र सिंह, रामनाथ सिंह फौजी, ओउमपाल सिंह आदि तमाम किसान मौजूद थे।

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