2011 की सूची में छूटे लोगों के 26 से बनेंगे आयुष्मान कार्ड

स्वास्थ्य विभाग ने तैयार किया माइक्रो प्लान नौ अगस्त तक बनाएं जाएंगे कार्ड

JagranSat, 24 Jul 2021 06:51 AM (IST)
2011 की सूची में छूटे लोगों के 26 से बनेंगे आयुष्मान कार्ड

जासं, एटा: स्वास्थ्य विभाग 26 जुलाई से लेकर नौ अगस्त तक बीपीएल लोगों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाएंगा। इसके लिए कई स्थानों पर सेंटर बनाए गए हैं, जहां स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। स्वास्थ्य विभाग की मंशा यह है कि अधिक से अधिक गोल्डन कार्ड आयुष्मान पखवाड़ा के अंतर्गत बन सकें।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. उमेश चंद्र त्रिपाठी ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि पखवाड़ा के अंतर्गत जो सेंटर बनाए गए हैं वहां लोग पहुंचे और अपने कार्ड बनवाएं। वर्ष 2011 की सूची में कई लोग सर्वे से छूट गए थे, यह सूची पुन: अपडेट की गई है और अब वंचित लोगों को लाभ दिया जाएगा। जनपद में 60 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। सभी सीएचसी, पीएचसी सेंटर, कुछ आंगनबाड़ी केंद्र भी सेंटर बनाए गए हैं, जहां बीएलई की तैनाती भी की गई है। वंचित लोग अपने नाम के बारे में इन सेंटरों पर जाकर पता कर सकते हैं, अगर उनका नाम सूची में है तो कार्ड अवश्य बनेगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा, ग्राम प्रधान व कुछ एनजीओ इसमें सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि जनपद में 86 हजार 702 परिवारों को आयुष्मान कार्ड देने हैं, जिसके सापेक्ष 39 हजार 326 परिवारों में एक और एक से अधिक कार्ड बन चुके हैं। जिले में 4 लाख 33 हजार 510 लाभार्थियों में से 99 हजार 170 लोग कार्ड ले चुके हैं। बचे हुए लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड आयुष्मान पखवाड़े में बनाए जाएंगे। प्रेस कांफ्रेंस में डा. गौरव, डा. विनीत, अभिषेक शुक्ला आदि लोग मौजूद रहे। 3889 लाभार्थियों ने कराया उपचार

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एटा जनपद में 3889 कार्ड धारकों ने 296 निजी चिकित्सालय में उपचार कराया है। इनमें से 3807 के क्लेम का भुगतान भी किया जा चुका है। 3.91 करोड़ रुपये की धनराशि दी जा चुकी है। जिनमें सरकारी चिकित्सालय को 56 लाख 32 हजार 290 तथा निजी चिकित्सालयों को 3 करोड़ 43 लाख 37 हजार 313 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। माइक्रो प्लान तैयार

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सीएमओ ने बताया कि आयुष्मान गोल्डन कार्ड बीपीएल लोगों के बनाए जाएंगे। इसके लिए माइक्रो प्लान तैयार किया गया है, जिसके तहत जो भी कर्मचारी इस काम में जुटेंगे उनमें से एनजीओ को एक कार्ड पर 14 रुपये, आशा कार्यकर्ता द्वारा एक परिवार के कई सदस्यों के कार्ड बनवाने पर 10 रुपये तथा एक कार्ड बनवाने पर 5 रुपये दिए जाएंगे। प्रधान, पंचायतीराज विभाग को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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