पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने की उठी मांग

पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने की उठी मांग

कलेक्ट्रेट में पहुंचे व्यापारियों ने कहा कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों डीजल पेट्रोल व रसोई गैस को जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए जिससे महंगाई से राहत मिल सके व कच्चे माल की कीमतों में कमी आ सके।

JagranTue, 02 Mar 2021 01:39 AM (IST)

देवरिया: पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग तेज हो गई है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल व उप्र युवा उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सोमवार को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर सौरभ सिंह को दिया।

कलेक्ट्रेट में पहुंचे व्यापारियों ने कहा कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों डीजल, पेट्रोल व रसोई गैस को जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए, जिससे महंगाई से राहत मिल सके व कच्चे माल की कीमतों में कमी आ सके। व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी की अधिकतम दर 28 फीसद है। पेट्रोलियम पदार्थों को इसके दायरे में लाने पर कीमतों में कम से कम 25 फीसद का अंतर आएगा, जिससे महंगाई घटेगी। भाड़ा कम होगा। जीएसटी में ई-वे बिल की सीमा एक दिन में 200 किमी कर दी गई है। यह व्यावहारिक नहीं है। इसे पूर्व की तरफ 100 किमी किया जाए। साथ ही तकनीकी त्रुटि के कारण कोई अर्थदंड या जुर्माना आरोपित न किया जाए। जीएसटी विभाग लागू होने के बाद स्वयं करीब एक हजार संशोधन कर चुका है। भूलवश त्रुटि होने पर पेनाल्टी आरोपित करना उचित नहीं है। जीएसटी आर-1 व जीएसटी आर-3 में किसी कारण से असमानता हो जाती है तो उस त्रुटि के सुधार की गुंजाइश रखी जाए। व्यापारियों का उत्पीड़न करने वाले व भ्रष्टाचार में लिप्त वस्तु एवं सेवाकर के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम मरोदिया व हेमंत बुडाकिया, यशवीर सिंह जस्सी, भरत अग्रवाल, गिरधारी लाल अग्रवाल, रमेश अग्रवाल, चंद्रशेखर शर्मा, नरेश अग्रवाल, राजेंद्र जायसवाल, महेंद्र जैन, श्रवण सोनी मौजूद रहे।

आहिसेवा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

देवरिया: आजाद हिद सेना वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को पेट्रोलियम पदार्थ के मूल्य में हो रही वृद्धि के खिलाफ शहर के नेताजी तिराहे पर प्रदर्शन किया। साथ ही जल्द पेट्रोलियम पदार्थ मूल्य वृद्धि वापस न होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।

संस्थापक ऋषि पांडेय ने कहा कि जनता महंगाई की मार से त्रस्त है, यदि तत्काल सरकार बढ़े हुए मूल्य को वापस नहीं लेती है तो सेना आंदोलन करने को बाध्य होगी। अशोक मालवीय ने कहा कि जरुरत जन क्रांति की है, सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। नगर संयोजक अभिषेक चौरसिया ने कहा कि रोज-रोज दाम बढ़ाने से और सब्सीडी हटाने पर लोगों में आक्रोश है। जिलाध्यक्ष आत्मदेव मणि ने कहा कि जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सत्याचरण सिंह, धर्मेंद्र मद्धेशिया, विक्की मद्धेशिया, विवेक पांडेय, रत्नेश सिंह, दुर्गेश प्रजापति, विनोद शाही, गुरुशरण पांडेय, नीरज पांडेय, जुनैद हुसैन, जफर इकबाल, आकाश वर्मा प्रमुख रूप से मौजूद रहे। मूल्य वृद्धि के खिलाफ युवा कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

देवरिया: पेट्रोलियम पदार्थ के मूल्यों में हुई वृद्धि के खिलाफ सोमवार को युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने खुखुंदू में सड़क पर उतर कर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर मूल्य वृद्धि वापस लेने की मांग की।

जिलाध्यक्ष विवेक मिश्र के नेतृत्व में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता नूनखार रेलवे स्टेशन पर एकत्रित हुए और प्रदर्शन करते हुए कस्बा तक आए। विवेक मिश्र ने कहा कि आज बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, रोजगार न मिलने से युवा वर्ग काफी परेशान है और आत्म हत्या करने को विवश हो रहा है। किसान भी बेबस है। नए तीन कृषि कानून किसानों के विरोध में है। सरकार को इसको तत्काल वापस लेना चाहिए। सरकार केवल पूजीपतियों के लिए काम कर रही है। सरकार का आम जनता से कोई लेना देना नहीं है। देश में भ्रष्टाचार चरम पर है, सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। पेट्रोलिमय पदार्थ के मूल्य में वृद्धि से हर कोई परेशान है। जिला सचिव निखिल तिवारी ने कहा कि सिर्फ कांग्रेस ही देश व प्रदेश का विकास कर सकती है और युवाओं को रोजगार दे सकती है। इस दौरान धर्मवीर भारती, मनीष भारती, सिद्धार्थ गोड़, विभूति प्रसाद, कर्मवीर भारती प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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