बाल श्रम रोकने के लिए उठाएं कठोर कदम: न्यायाधीश

पुलिस लाइन के प्रेक्षागृह में शुक्रवार को किशोर न्याय अधिनियम अन्तर्गत गठित विशेष किशोर पुलिस इकाई व एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिग इकाई की संयुक्त बैठक हुई। जिसमें मुख्य अतिथि सिविल जज सीनियर डिवीजन व प्रभारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवेन्द्र कुमार मिश्र ने बच्चों की सुरक्षा शिक्षा एवं सहायता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताया।

JagranPublish:Fri, 12 Nov 2021 10:52 PM (IST) Updated:Fri, 12 Nov 2021 10:52 PM (IST)
बाल श्रम रोकने के लिए उठाएं कठोर कदम: न्यायाधीश
बाल श्रम रोकने के लिए उठाएं कठोर कदम: न्यायाधीश

देवरिया: पुलिस लाइन के प्रेक्षागृह में शुक्रवार को किशोर न्याय अधिनियम अन्तर्गत गठित विशेष किशोर पुलिस इकाई व एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिग इकाई की संयुक्त बैठक हुई। जिसमें मुख्य अतिथि सिविल जज सीनियर डिवीजन व प्रभारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवेन्द्र कुमार मिश्र ने बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा एवं सहायता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताया।

न्यायाशीध मिश्र ने कहा कि बाल श्रम को रोकने के लिए कठोर कदम उठाया जाए। कहा कि ऐसे बालक जिनकी उम्र 14 वर्ष से कम हैं उन्हें किसी होटल या कल-कारखाने में कार्य करने से रोका जाए। जो उनके काम ले रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन तथा भीड़-भाड़ वाले जगहों पर सहायता केंद्र स्थापित किये जाए। जिससे इस तरह के बच्चों की सहायता की जा सकें। न्यायाधीश ने बालकों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए समाज को एक साथ आगे आने का आह्वान किया। आज मानव तस्करी एक व्यापार का भयावह रूप लेते जा रहा है। बच्चों को अपहरण कर उससे भीख मंगवाया जा रहा है तथा होटलों में कार्य करवाया जा रहा हैं यह निंदनीय हैं। ऐसे घिनौने कार्यों की रोकथाम के लिए पुलिस विभाग को सख्ती से निपटने का निर्देश दिया। ऐसे बालक जो मानसिक रूप से बीमार या शारीरिक रूप से असुविधा ग्रस्त हैं अथवा असाध्य रोग से पीड़ित हैं। जिनकी सहायता या देखभाल करने वाला कोई नहीं है। ऐसे बालकों को उनकी देखभाल करने की पूरी व्यवस्था की जाए। इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक राजेश सोनकर, बाल संरक्षण अधिकारी जयप्रकाश तिवारी, वन स्टाप सेंटर मनोवैज्ञानिक मीनू जायसवाल, वन स्टाप सेटर केंद्र प्रबंधक नीतू सिंह, सुनील सिंह तथा समस्त थानों के थानाध्यक्ष मौजूद रहे।