शीघ्र शुरू हो सकती हैं ग्राम न्यायालय

देवरिया: जनपद के तीन तहसीलों में चार साल से अटकी ग्राम न्यायालयों के लिए भूमि की तलाश फिर शुरू हो गई है। शासन ने ग्राम न्यायालयों को क्रियाशील करने का आदेश दिया है। शासन ने जिलाधिकारी से प्रगति रिपोर्ट मांगी है और भूमि या भवन की तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कराते हुए रिपोर्ट भेजने को कहा है।

शासन ने त्वरित न्याय व भागदौड़ से राहत दिलाने के लिए तहसील मुख्यालयों पर चार साल पहले ग्राम न्यायालयों की स्थापना का फैसला लिया। देवरिया समेत कई जनपदों में कोशिश परवान नहीं चढ़ सकी। इसको देखते हुए राजस्व अनुभाग पांच के सचिव संजय कुमार ने देवरिया, गोरखपुर, संतकबीर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, कुशीनगर समेत 52 जनपदों के जिलाधिकारियों को 10 सितंबर को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि ग्राम न्यायालयों की स्थापना के लिए भूमि या भवन की तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कराते हुए इसकी सूचना तत्काल उपलब्ध कराई जाए। ग्राम न्यायालयों की स्थापना के संबंध में रिट याचिका उच्च न्यायालय में लंबित है, जिसमें न्याय विभाग की तरफ से मुख्य सचिव को 12 सितंबर को उच्च न्यायालय में प्रति शपथ पत्र दाखिल किया जाना था।

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सलेमपुर, भाटपाररानी व बरहज में होनी है स्थापना

: जनपद के सलेमपुर, भाटपाररानी व बरहज में ग्राम न्यायालयों की स्थापना के लिए चार साल से कोशिश चल रही है। इसके लिए जनपद न्यायालय के सब कमेटी इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर से जिलाधिकारी को लगातार पत्राचार किया जा रहा है। दो फरवरी 2017 को तत्कालीन डीएम ने सलेमपुर तहसील के ग्राम अहिरौली के विभिन्न गाटा नंबरों के अधिग्रहण का प्रस्ताव प्रेषित किया था, जिसकी कीमत 6.78 करोड़ 85 हजार छह सौ इक्यानवे रुपये निर्धारित करते हुए जनपद न्यायाधीश को अवगत कराया। जिसे जनपद न्यायालय के सब कमेटी इंफ्रास्ट्रक्चर की तरफ से हाईकोर्ट को प्रेषित कर दिया गया, लेकिन अन्य दो तहसीलों भाटपाररानी व बरहज में 10 एकड़ भूमि का प्रस्ताव अभी तक जजशिप को प्राप्त नहीं हुआ है। इस मामले में हाईकोर्ट ने 12 अप्रैल 2017 को दोनों तहसीलों में 10 एकड़ भूमि का प्रस्ताव व तीनों तहसीलों में डीएम द्वारा चिह्नित किए गए भवनों में वैकल्पिक व्यवस्था के अंतर्गत ग्राम न्यायालयों को कार्यशील बनाए जाने के संबंध में की गई कार्रवाई से अवगत कराने का आदेश दिया था। इधर शासन की तरफ से निर्देश मिलने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है।

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-जनपद के तीन तहसीलों में ग्राम न्यायालयों की स्थापना की जानी है। सलेमपुर को छोड़कर दो तहसीलों से भूमि नहीं मिलने की रिपोर्ट पूर्व में आई है, लेकिन इसके लिए फिर से रिपोर्ट तहसीलों से मांगी गई है। उम्मीद है कि तीनों तहसील से 10-10 एकड़ भूमि की तलाश जल्द पूरी कर ली जाएगी।

-अमित किशोर, डीएम

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