ग्रामीणों ने बनाई अस्थाई गोशाला, अब चारे के लाले

संवाद सूत्र, बड़ोखर बुजुर्ग : बुंदेलखंड के लिए विकराल बन चुकी अन्ना समस्या से निजात दिलाने के लिए शासन के की ओर से अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। कई स्थानों पर स्थाई गोशाला के साथ ही अस्थाई गोशालाएं भी बनाई जा रही हैं। मगर इसका धरातल पर कोई असर नहीं दिख रहा। ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत बडोखर बुजुर्ग में देखने को मिला जहां अन्ना से परेशान किसानों ने ग्राम प्रधान से मिलकर निकाला। तो गांव में अस्थाई गोशाला बन गई। जिसमें जानवरों को बद कद दिया गया। मगर कई दिनों से चारा न मिल पाने से जानवर के साथ ग्रामीण भी परेशान है। उनका मानना है कि ऐसे में तो जानवर भूख से मर जाएंगे।-----------------

अस्थाई गोशाला में है 150 मवेशी

अन्ना जानवरों की संख्या लगभग 150 है, लेकिन उन जानवरों के खाने के लिए चारा भूसा भी नहीं है। जानवरों को बाड़े में अंदर हुए पांच दिन हो गए हैं। आज तक भूसा नहीं मिला है।

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सचिव के कई बार की सरकारी लाभ की मांग

ग्राम प्रधान अनीता कुशवाहा ने बताया कि सचिव अनिरुद्ध कुमार से कई बार भूसा के लिए कहा है, लेकिन वह ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि ग्राम सभा के खाते में इस मद के 24 हजार रुपये भी हैं।

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अस्थायी गोशाला में बंद मवेशियों के चारा-भूसा की व्यवस्था जल्द की जाएगी। मामला उनके संज्ञान में आने के बाद संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

-वंदिता श्रीवास्तव, एसडीएम नरैनी

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