ग्राम प्रधानों ने आश्रय केंद्रों से पशु छोड़ने का किया एलान

संवाद सहयोगी, मऊ (चित्रकूट) : अन्ना पशुओं के रखरखाव में आ रही दिक्कतों को लेकर ग्राम प्रधान आंदोलित है। गुरुवार को मऊ तहसील में प्रदर्शन कर प्रधानों ने एलान किया है कि यदि पशुओं के भरण पोषण और शेड निर्माण आदि के भुगतान नहीं किया जाता है तो वे 12 दिसंबर को आश्रय केंद्रों से पशुओं को छोड़ देंगे।

क्षेत्रीय प्रधानों ने प्रदर्शन कर एसडीएम को मुख्यमंत्री संबोधित ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी कि आठ सूत्रीय मांगों पर एक सप्ताह में उचित निर्णय न लिया गया तो 12 दिसंबर से गो आश्रय केंद्रों से गोवंश को छोड़ देने के लिए बाध्य होगें। प्रधान संघ अध्यक्ष नवनीत कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते तहसील पहुंचें।एडीएम राजबहादुर से कहा कि अन्ना गोवंश ग्राम पंचायतों के लिए एक ज्वलंत समस्या बन गई है। अधिकारियों के मौखिक निर्देशों के आधार पर अस्थाई अथवा स्थाई गोवंश आश्रय स्थलों पर निर्माण कार्य का दिए गए है लेकिन भुगतान नहीं किया जा रहा है। निजी भूमि पर कराए गए अस्थाई निर्माण कार्य का भुगतान करने से इंकार कर दिया गया है। लिखित व स्पष्ट निर्देश पर गौ सेवक अथवा चरवाहों का भुगतान किस मद से किया जाए। भरण पोषण के लिए धनराशि या चारा भूसा दिलाया जाए। गोवंश की मृत्यु की दशा में अंत्येष्टि की विधि तथा उनकी अंत्येष्टि पर आने वाले खर्च का भुगतान किस मद से होगा स्पष्ट किया जाए। शारदा प्रसाद, शैलेंद्र तिवारी, राजकुमार तिवारी, ब्रह्मप्रकाश सिंह, शिवसेवक सिंह, कमलेश कुमार, उमाकांत ओझा, गोमती, जगन्नाथ, राधेश्याम, सुलेखा, कृष्णपाल, कविता, प्रमोद कुमार, कमलेश सिंह, उर्मिला, आशा सिंह व मुन्नी देवी रहीं।

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