अनुसूचित जाति की किशोरी की हत्या में उम्रकैद

जागरण संवाददाता चित्रकूट अनुसूचित जाति की किशोरी की हत्या के मामले में दोषी को अदालत

By JagranEdited By: Publish:Wed, 22 Sep 2021 04:53 PM (IST) Updated:Wed, 22 Sep 2021 04:53 PM (IST)
अनुसूचित जाति की किशोरी की हत्या में उम्रकैद
अनुसूचित जाति की किशोरी की हत्या में उम्रकैद

जागरण संवाददाता, चित्रकूट : अनुसूचित जाति की किशोरी की हत्या के मामले में दोषी को अदालत ने आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मुल्जिम ने पांच साल पहले किशोरी को मार कर वाल्मीकि आश्रम के पहाड़ पर पेड़ में फंदे से लटका दिया था। चर्चित मामले का फैसला बुधवार को त्वरित न्यायालय पाक्सो एक्ट ने सुनाया है।

विशेष लोक अभियोजक पाक्सो तेजप्रताप सिंह ने बताया कि 29 अगस्त 2017 को एक व्यक्ति ने रैपुरा थाना में मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी 17 वर्षीय बेटी राजकीय बालिका इंटर कालेज में कक्षा दस की छात्रा थी। वह साइकिल से स्कूल पढ़ने सुबह सात बजे गई थी। दोपहर बाद घर नहीं लौटी तो खोजबीन शुरू की। सहेलियों ने बताया कि साइकिल रास्ते में खराब हो गई थी तो वह उनके साथ स्कूल चली गई थी। राजापुर में भतीजे ने बताया कि उसे राजबहादुर और एक अन्य व्यक्ति जबरदस्ती पकड़ कर बाइक में बैठाकर छीबों की ओर ले गए हैं। पीड़ित पिता को शाम करीब तीन बजे पुलिस से सूचना मिली की वाल्मीकि आश्रम लालापुर पहाड़ में उसकी बेटी का शव पेड़ पर फंदे से लटका है। मौके पर पहुंचकर उन्होंने शव की शिनाख्त की। पिता का आरोप था कि राजबहादुर ने साथी के साथ मिलकर बेटी की हत्या की और साक्ष्य छिपाने के लिए फंदे पर लटका दिया।

अभियोजक ने बताया कि पुलिस ने हत्या, दुष्कर्म समेत पाक्सो व अनुसूचित जाति एक्ट में आरोप पत्र तैयार कर न्यायालय में पेश किया था। साक्ष्य एवं गवाह के आधार पर न्यायाधीश विनीत नारायण पांडेय अपर सत्र न्यायधीश एफटीसी न्यू/रेप केस एवं पाक्सो एक्ट ने आरोपित राजा उर्फ राजबहादुर पुत्र दसुवा निवासी भाऊपुरवा मजरा हरदौली थाना राजापुर को हत्या के मामले दोष सिद्ध पाया। जबकि अन्य धाराओं में दोष सिद्ध नहीं हो सका।

chat bot
आपका साथी