आस्था की डगर पर कोहरे से सहमती जिंदगी

जागरण संवाददाता, चित्रकूट :

कोहरा पड़ने के साथ ही धर्म नगरी में आने वाले श्रद्धालुओं की मुसीबत बढ़ जाती है। प्रभु श्रीराम की तपोभूमि में तमाम लोग पैदल या लेटी परिक्रमा कर कामतानाथ जाते हैं। कई बार कोहरे में दौड़ते वाहनों के चलते हादसे का शिकार होते हैं। भोर में कोहरे के कारण अधिकांश ऐसे लोग वाहनों की चपेट में आते हैं जो मार्निग वॉक पर निकलते है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि नगर से गुजरने वाले राष्ट्रीय व राज्य हाईवे पर कोई डिवाइडर नहीं है।

डिवाइडर नहीं होने के कारण नगर में बेतरतीब वाहन चलते हैं। ऐसे में आमने-सामने वाहन लड़ जाते हैं। रात के अंधेरे और धुंध में हादसे होते हैं। बीते साल तो डंपर ने ट्रैफिक चौराहा व पुरानी कोतवाली चौराहा के यातायात बूथ को तोड़ दिया था। गनीमत थी कि बूथ पर कोई नहीं था। नगर के फुटपाथ में दुकान, वाहनों का कब्जा है। वाहनों के स्टैंड बने है और ट्रक सड़क की पटरी में खड़े रहते हैं। धर्मनगरी को जोड़ने वाली चार सड़कों का निर्माण चल रहा है। फोरलेन सड़क में डिवाइडर तो है, लेकिन फुटपाथ नहीं है।

खतरनाक स्थान

- बनकट पावर हाउस : सड़क किनारे झुग्गी झोपड़ी बनी है जहां पर अधिकांश लोग सड़क किनारे सोते हैं।

- चकरही चौराहा : काफी संकरा चौराहा है। दो वाहन भी बड़ी मुश्किल से गुजरते है। यहीं पर ओवर ब्रिज उतरता है, अक्सर पुल से आने वाले वाहन तेज होते हैं।

- ट्रैफिक चौराहा : नगर का हृदय स्थल है, लेकिन काफी छोटा चौराहा है। हाईवे के इस चौराहे पर अक्सर जाम लग जाता है।

- पुरानी बाजार चौराहा : यह स्थान भी काफी घनी आबादी है। सुबह से देर रात तक चहल-पहल रहती है। चौराहे के पहले तेज मोड़ भी है।

- शोभा सिंह का पुरवा : तमाम वाहनों के सर्विस सेंटर और ईटा मंडी है जिससे वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं।

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नगर में 30 किमी प्रति घंटा की स्पीड से वाहन चलाने के निर्देश हैं। इसके बोर्ड हाईवे सहित सभी सड़कों पर लगाए गए हैं।

-योगेश कुमार यादव, यातायात प्रभारी

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