नौसिखिए चालकों के हाथों में एंबुलेंस की स्टेयरिग, सांसत में मरीजों की जान

एबुलेंस चालकों व कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य विभाग की आकस्मिक सेवा लड़खड़ा गई है। 39 वाहनों की चाबी सीएमओ को देने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तहत चालक रखे जा रहे हैं।

JagranSat, 31 Jul 2021 09:00 PM (IST)
नौसिखिए चालकों के हाथों में एंबुलेंस की स्टेयरिग, सांसत में मरीजों की जान

जागरण संवाददाता, चंदौली : एबुलेंस चालकों व कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य विभाग की आकस्मिक सेवा लड़खड़ा गई है। 39 वाहनों की चाबी सीएमओ को देने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तहत चालक रखे जा रहे हैं। हालांकि अभी नौसिखिए हैं। शुक्रवार की रात एक एंबुलेंस नाली में चली गई, इससे उसमें बैठे मरीज की जान सांसत में आ गई। वाहन चलाने में दक्षता न होने की वजह से हमेशा हादसे की आशंका बनी हुई है। शासन स्तर से एंबुलेंस संचालन को लेकर दूसरी कंपनी से अनुबंध किए जाने से एंबुलेंस चालक व कर्मियों में रोष व्याप्त है। पिछले एक सप्ताह से शासन के फैसले के विरोध में हड़ताल पर रहे। वहीं गुरुवार को 39 एंबुलेंस की चाबी मुख्य चिकित्साधिकारी को सौंपकर घर चले गए। 10 एंबुलेंस चालक अभी आपातकालीन सेवा दे रहे हैं। चालक विहीन एंबुलेंसों के पहिए थमने के बाद खलबली मची रही। स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासन की मदद से किसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था की। हालांकि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जिन चालकों के हाथों में स्टेयरिग पकड़ाई गई है, उन्हें वाहन चलाने का विशेष अनुभव नहीं। ऐसे में कभी बैक करते समय हादसा दीवार से टक्कर हो रही तो कहीं एंबुलेंस नाली में कूद जा रही। वहीं मरीजों की जान भी सांसत में हैं। अप्रशिक्षित चालकों की वजह से हमेशा खतरा मंडरा रहा है। दरअसल, एंबुलेंस चालकों व कर्मियों को मरीजों को बैठाकर ले जाने का बाकायदा प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन नौसिखिए चालकों के पास इसका कोई अनुभव नहीं है। इससे परेशानी बढ़ गई है। वैसे, जिले में प्रशिक्षित एंबुलेंस चालकों की नई भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। नियामताबाद स्थित एक निजी विद्यालय में शनिवार को चालकों का साक्षात्कार हुआ। प्रशिक्षित चालकों की नियुक्ति के बाद आकस्मिक सेवा पटरी पर आने की उम्मीद है। ' वैकल्पिक व्यवस्था के तहत एंबुलेंस चलवाई जा रही। वैसे, प्रशिक्षित चालकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद दिक्कत नहीं होगी।

डाक्टर वीपी द्विवेदी, सीएमओ

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