कूड़ा के अंबार पर मंत्री जी का कस्बा बाजार

जासं, सकलडीहा (चंदौली) : सकलडीहा बाजार कूड़ा के अम्बार पर खड़ा है। चार ग्राम सभा से मिलकर बने इस बाजार में सफाईकर्मी कभी झांकते नहीं। दिलचस्प यह है कि सकलडीहा स्वतंत्र प्रभार मंत्री अनिल राजभर का गृह कस्बा भी है। सबकुछ जानने के बाद भी अधिकारी झांकने की जहमत नहीं उठाते। बुधवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग उठाई।

सकलडीहा बाजार नागेपुर, टिमिलपुरा, तेंदुई व सकलडीहा ग्राम सभा के हिस्सों को मिलाकर बसा है। यहां आसपास के सैकड़ों लोगों की आवाजाही होती है। व्यावसायिक ²ष्टि से प्रतिष्ठित इस बाजार की मौजूदा तस्वीर शर्मसार करने वाली है। पूरा बाजार गंदगी के ढेर पर खड़ा है। चार-चार गांवों के केंद्र में स्थित इस बाजार में सफाईकर्मी कभी झांकने नहीं आते। प्रधान व एडीओ पंचायत की छत्रछाया में पल रहे सफाईकर्मी प्रधान के घर व ब्लाक में गाहे-बगाहे हाजिरी लगाकर अपने कर्तव्यों की इति कर लेते हैं। बरसात के दिनों में कस्बा की हालत और बदतर हो जाती है। सड़कों पर जलजमाव के कारण राहगीरों का चलना मुहाल है। दिलचस्प यह कि इसी बाजार में राज्यमंत्री अनिल राजभर का आवास भी है। आरोप है कि शिकायत के बाद भी जिम्मेदार लोग चुप्पी साधे बैठे हैं। बुधवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने कूड़े के ढेर पर खड़े होकर विरोध-प्रदर्शन किया। चेताया कि चकारों गांवों के सफाईकर्मियों से रोस्टर लगाकर सफाई शुरू नहीं की गई तो ग्रामीण अधिकारियों का पुतला फूंकेंगे। डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने सफाईकर्मचारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई और कार्रवाई के संकेत दिए हैं। विरोध जताने वालों में हाजी अली अकबर, बंसत, केशरी, जाबीर, नासीर अली, मनीउल्ला, डा. मुमताज, रज्जन अली, अर¨वद गुप्त, बसंत पटवा, इफरान, सतीश व राकेश सहित तमाम ग्रामीण उपस्थित थे।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.