42 करोड़ खर्च होने के बाद भी दो साल नहीं चली सड़क

जागरण संवाददाता, चंदौली/कमालपुर : सकलडीहा कस्बे के सघन तिराहे से कमालपुर, धीना, अमड़ा होते हुए जमानिया मार्ग तक बनी 42 करोड़ की सड़क आम जन के लिए परेशानी का कारण बनी है। पांच साल बिना मरम्मत चलने वाली 26 किलोमीटर की सड़क ने दो साल में ही दम तोड़ दिया। सड़क की स्थिति इतनी खराब कि प्राइवेट वाहन के साथ सवारी वाहन भी इस मार्ग पर चलने से कतराते हैं।

जिले का शायद ही यह ऐसा मार्ग है जिस पर लोग पैदल चलने को मजबूर हैं। मार्ग की गिट्टियां पूरी तरह से उखड़ चुकी हैं। सड़क पर या तो रेत दिखता है या गड्ढे। मार्ग पर कमालपुर, धीना, अमड़ा कस्बा है वहां तो बिन बरसात के हर दम पानी लगा रहता है। बाबा कीनाराम जन्मोत्सव पर सीएम के आगमन पर स्थानीय लोगों में यह आस जगी कि शायद यह मार्ग अब बन जाएगा लेकिन नहीं बना। करीब छह माह में बड़े वाहनों के चलने से यह मार्ग ऐसा जर्जर हुआ कि अब तक 18 मौतें हो चुकी और 53 लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों की बार-बार शिकायत के बाद भी मार्ग को नहीं बनाया जा सका। आज स्थिति इतनी खराब है कि लोग कमालपुर जाने को धानापुर का मार्ग पकड़ते हैं, भले ही उन्हें 30 किलोमीटर क्यों न अतिरिक्त चलना पड़े।

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कब बना था यह मार्ग

सघन तिराहे से अमड़ा तक 26 किलोमीटर मार्ग पूर्व में तीन मीटर चौड़ा था। लेकिन 2013 में मार्ग का चौड़ीकरण कर इसके सात मीटर चौड़ा बनाया गया। भारी भरकम बजट 42 करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ। इसलिए मार्ग की ऊंचाई भी बढ़ाई गई। 2016 में मार्ग बनकर तैयार हुआ और जनता के आवागमन का सफर सुहाना हो गया। गाजीपुर गंगा पुल पर भारी वाहनों की पाबंदी और ओवरलोड वाहनों पर रोक लगने से वाहन पचफेड़वा से अलीनगर होते हुए सकलडीहा से इस मार्ग पर चलने लगे। इसी बीच बरसात होते से मार्ग की स्थिति एकदम जर्जर हो गई।

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पांच वर्ष तक नहीं होनी थी मरम्मत

सघन तिराहे से अमड़ा तक बने मार्ग की पांच वर्ष तक कोई मरम्मत नहीं होनी थी। कार्यदाई संस्था ने दावे के साथ कहा था कि यह इतना मजबूत है कि पांच तक यह क्षतिग्रस्त नहीं होगा। लेकिन दो साल बीतते-बीतते मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो गया। मार्ग की स्थिति इतनी खराब है कि आए दिन कोई न कोई वाहन खराब होकर खड़ा रहता है। 'जर्जर मार्गों की मरम्मत को शासन को प्रस्ताव भेजा गया। शासन से 169 किमी मरम्मत के लिए 39 करोड़ रुपये स्वीकृत भी हो चुका है। जल्द ही सभी मार्गों की मरम्मत कराई जाएगी।

-देवेंद्र पाल सिंह, एक्सईएन लोनिवि प्रांतीय खंड।

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