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पीएफ घोटाले के विरोध में बिजली कर्मियों ने दिया धरना

जासं, चंदौली : पीएफ घोटाला के विरोध में बिजली कर्मियों का धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी मुख्यालय स्थित एक्सईएन कार्यालय परिसर में जारी रहा। घोटाले में शामिल पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी की मांग करते हुए नारेबाजी की। सरकार पर मामले में कार्रवाई में शिथिलता बरतने का आरोप लगाया। धनराशि वापस न होने पर कार्य बहिष्कार व बेमियादी धरना की चेतावनी दी।

वक्ताओं ने कहा बिजली कर्मियों के खून-पसीने की करोड़ों रुपये कमाई पीएफ घोटाला में चली गई। सरकारी तंत्र पर भरोसा करते हुए लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई जमा कराई थी। ताकि सेवानिवृत्त होने के बाद मिलने वाले पैसे से जीवन कटेगा। लेकिन पैसा भ्रष्टाचारियों की जेब में चला गया। मामला संज्ञान में आने पर जब हंगामा मचा तो सरकार ने चेयरमैन को निलंबित कर मौन धारण कर लिया। लेकिन कर्मियों की कमाई वापस लौटाने को कोई कवायद नहीं की जा रही। मामले की सीबीआइ से निष्पक्ष जांच कराई जाए। वहीं पीएफ का पैसा कर्मियों में खाते में वापस लौटाया जाना चाहिए। कहा सीबीआइ जांच में चेयरमैन के साथ ही ऊंचे पदों पर विराजमान कई अधिकारियों का गला फंसना तय है। इसलिए सरकार अपनी साख बचाने को मामले में लीपापोती करने में जुटी है। 15 दिनों के बाद भी मामला यथावत है। कोई प्रगति नहीं हुई। चेताया कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो कार्य बहिष्कार करते हुए बेमियादी धरना-प्रदर्शन शुरू करने को विवश होंगे। दलसिगार यादव, रविप्रकाश मौर्या, संतोष कुमार, बीएन त्रिपाठी, शिवनारायण, अनिल, देवशरण चौधरी, दरोगा, विवेक, अश्विनी कुमार मौजूद थे।

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