कोरोना काल में मदद को आगे आए बैंक, मुख्यालय को भेजी सूचना

जागरण संवाददाता चंदौली कोरोना काल में बैंकों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। यूबीआइ के हैदराबाद मुख्यालय ने सभी जिलों के एलडीएम से अस्पतालों में जिन स्वास्थ्य उपकरणों की जरूरत है उनकी रिपोर्ट मांगी है। सीएमओ ने जिला अस्पताल में दो वेंटिलेटर बेड समेत अन्य उपकरण की सूची बनाकर उपलब्ध कराई थी। इसको मुख्यालय भेज दिया गया। जल्द ही उपकरणों की खेप पहुंचने की उम्मीद जताई है।

JagranWed, 16 Jun 2021 11:50 PM (IST)
कोरोना काल में मदद को आगे आए बैंक, मुख्यालय को भेजी सूचना

जागरण संवाददाता, चंदौली : कोरोना काल में बैंकों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। यूबीआइ के हैदराबाद मुख्यालय ने सभी जिलों के एलडीएम से अस्पतालों में जिन स्वास्थ्य उपकरणों की जरूरत है, उनकी रिपोर्ट मांगी है। सीएमओ ने जिला अस्पताल में दो वेंटिलेटर, बेड समेत अन्य उपकरण की सूची बनाकर उपलब्ध कराई थी। इसको मुख्यालय भेज दिया गया। जल्द ही उपकरणों की खेप पहुंचने की उम्मीद जताई है। कोरोना काल में तमाम स्वयंसेवी संस्थाएं व उद्योगपति सीएसआर (कारपोरेट सोशल रिस्पांसब्लिटी) फंड के माध्यम से प्रशासन की मदद कर रहे हैं। ऐसे में बैंक भी पीछे रहीं हैं। बैंकों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है। हैदराबाद मुख्यालय ने सभी एलडीएम को पत्र भेजकर सीएमओ से अस्पतालों में जरूरत के मुताबिक संसाधनों की सूची मांगी है। उम्मीद है कि जल्द ही उपकरणों की खेप पहुंचेगी। कोरोना की दूसरी लहर आई तो अस्पताल स्वास्थ्य संसाधनों की कमी से जूझ रहे थे लेकिन सीएसआर फंड के जरिए मिली मदद ने काफी राहत पहुंची। जिन अस्पतालों में सही ढंग से बेड, बिस्तर व मूलभूत संसाधनों का टोटा था, वहां अब आक्सीजन प्लांट व अत्याधुनिक सुविधाएं बहाल हैं। सीएसआर फंड के माध्यम से बैंक करेंगे मदद

बैंकों के पास अलग से कोई मद नहीं होता। ऐसे में सीएसआर फंड से मदद की जाएगी। इस फंड से संबंधित उपकरण खरीदकर जिलों में भेजे जाएंगे। अग्रणी जिला प्रबंधक, यूबीआइ इसे स्वास्थ्य विभाग को सुपुर्द करेंगे। पहल से अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर होंगी। वहीं कोरोना संक्रमितों समेत गंभीर मरीजों के इलाज में भी सहूलियत होगी। --------

'अस्पतालों में जिन संसाधनों की कमी है, उसकी सूची मुख्यालय से मांगी गई थी। सीएमओ से सूची मंगाकर मुख्यालय को प्रेषित कर दी गई है। मुख्यालय स्तर से ही निर्णय लिया जाएगा। जो भी सामग्री मिलेगी, उसे स्वास्थ्य विभाग को सुपुर्द किया जाएगा।

शंकरचंद सामंत, अग्रणी जिला प्रबंधक

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