अनुपस्थित 150 शिक्षकों का वेतन रुका, दर्ज होगी एफआइआर

अनुपस्थित 150 शिक्षकों का वेतन रुका, दर्ज होगी एफआइआर

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ड्यूटी में लापरवाही का खामियाजा अब प्रधानाध्या

JagranFri, 23 Apr 2021 09:47 PM (IST)

जागरण संवाददाता, चंदौली : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ड्यूटी में लापरवाही का खामियाजा अब प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, शिक्षामित्र और अनुदेशकों को भुगतना पड़ेगा। बीएसए ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए पंचायत चुनाव के प्रशिक्षण में गायब जिले के 150 कर्मियों का एक दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई की है। वहीं इनके विरुद्ध संबंधित थानों में एफआइआर कराने के लिए बीईओ को पत्र भेजकर निर्देशित किया है। सख्ती से शिक्षकों में खलबली मची है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान कार्मिक के तौर पर प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक, शिक्षामित्र और अनुदेशकों की ड्यूटी लगाई गई थी। पे-रोल के हिसाब से उन्हें प्रथम, द्वितीय व तृतीय मतदान अधिकारी बनाया गया था। हालांकि पिछले दिनों मुख्यालय स्थित नवीन कृषि मंडी में आयोजित कार्मिकों के सात दिवसीय प्रशिक्षण में शिक्षा विभाग के 150 कर्मी गायब रहे। उन्हें कई बार नोटिस भेजकर दूसरे दिन प्रशिक्षण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया लेकिन कर्मियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। कार्मिक विभाग की ओर से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भोलेंद्र प्रताप सिंह को पत्र भेजकर इसके बाबत सूचना दी गई है। साथ ही अनुपस्थित कर्मियों की सूची भी संलग्न की गई है। इस पर बीएसए ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए सभी का एक दिन का वेतन और मानदेय रोकने की कार्रवाई की है। साथ ही सभी बीईओ को पत्र भेजकर प्रधानाध्यापक, शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के खिलाफ संबंधित थानों में एफआइआर कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पंचायत ड्यूटी अतिमहत्वपूर्ण मानी जाती है। हालांकि शिक्षकों ने इसको लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। --------------------------------------------------

48 विभागों के 500 से अधिक कर्मियों का कट चुका है वेतन

जिला प्रशासन चुनाव ड्यूटी से गायब मतदान कार्मिकों के साथ रियायत के मूड में नहीं है। पिछले दिनों अपर जिलाधिकारी अतुल कुमार के निर्देश पर 48 विभागों के 500 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों का वेतन काटने की कार्रवाई की गई। उन्हें पोलिग पार्टियों की रवानगी के दिन ब्लाक मुख्यालयों पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। यदि इस दौरान गायब मिले तो वेतन वृद्धि रोकने के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।

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