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आदर्श नगर पंचायत की एक तस्वीर यह भी

जासं, चकिया (चंदौली) : कहने को तो यह आदर्श नगर पंचायत है, पर इसकी वास्तविक तस्वीर एक यह भी है। कूड़े के ढेर के बीच पशुओं का आक्रामक रूप देखा जा सकता है। शौचालय सहित सड़क पर जहां-तहां गंदगी देखी जा सकती है।

कहने को तो नगर पंचायत में तीन दर्जन सफाईकर्मी हैं। कागजों में समूचे नगर की सफाई दिन में तीन बार होती है। स्वच्छता के नाम पर लाखों रुपये पानी की तरह बहा दिए गए। सैकड़ों बैनर-पोस्टर नगर के मुख्य मार्गो सहित गलियों में लगाए गए। दर्जनों स्थानों पर डस्टबिन लगाए गए। नगर पंचायत के जनप्रतिनिधि गला फाड़कर नगरवासियों को स्वच्छता के प्रति आगाह किए। स्वच्छता के नाम पर लाखों रुपये खर्च हो गए, लेकिन सफाई का हाल जस का तस है। चंद महीने बाद ही लगभग सभी स्थानों पर लगे डस्टबिन अंतिम सांसें लेने लगे। लोगों का आरोप कि प्लास्टिक का डस्टबिन घटिया किस्म का था। वैश्विक महामारी को लेकर लोगों को सजग किया जा रहा है। गांव-गांव में सफाई अभियान चल रहा है, लेकिन आदर्श नगर पंचायत की स्वच्छता व्यवस्था बेपटरी हो गई है। नगरवासियों ने प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है।

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