मायूस हुए टीईटी अभ्यर्थी, भारी परेशानी

बुलंदशहर जेएनएन। महीनों की तैयारी के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) देन

JagranPublish:Sun, 28 Nov 2021 08:37 PM (IST) Updated:Sun, 28 Nov 2021 08:37 PM (IST)
मायूस हुए टीईटी अभ्यर्थी, भारी परेशानी
मायूस हुए टीईटी अभ्यर्थी, भारी परेशानी

बुलंदशहर, जेएनएन। महीनों की तैयारी के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) देने आए अभ्यर्थियों को अचानक परीक्षा स्थगित होने से जबरदस्त मायूसी हुई है। दूर-दराज से आए अभ्यर्थियों खासकर युवतियों एवं महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है।

जिले के 23 केंद्रों पर दोनों पालियों में 20,009 से अधिक अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था। इनमें से कुछ पहली पाली में प्राइमरी स्तर की कुछ को दोनों पालियों में प्राइमरी एवं जूनियर स्तर की परीक्षा में शामिल होना था। उसी हिसाब से अभ्यर्थी तैयारी करके आए थे। जिन्हें केंद्रों पर सुबह 9.15 बजे पहुंचने के निर्देश थे। मोबाइल, इलेक्ट्रोनिक डिबाइस आदि ले जाने की अनुमित नहीं थी। यहां तक की साइबर कैफे भी केंद्र के नजदीक साइबर कैफे, फोटो कापी की दुकान तक बंद कराई गई थी। तय समय से पहले अभ्यर्थी केंद्रों के बाहर जुटने लगे। अनुमित मिलते ही केंद्रों में प्रवेश करने लगे। जिनकी संघन तलाशी लेकर कक्ष में भेजा गया। कक्ष निरीक्षकों ने अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र और ओएमआर सीट वितरित की। अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र पढ़कर इसे हल करने में जुट गए। कुछ देर बाद ही प्रश्नपत्र आउट होने की सूचना मिलते ही खलबली मच गई। कक्ष से लेकर केंद्रों का माहौल बदल गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अभ्यर्थियों से प्रश्नपत्र और ओएमआर सीट वापस ले ली गई। हालांकि तब तक अभ्यर्थी कुछ सवालों को हल कर चुके थे।

खुशी का माहौल मायूसी में बदला

परीक्षा में पंजीकृत अधिकतर अभ्यर्थी जिले के रहे। जबकि कुछ गैरों के थे। तय समय पर परीक्षा में शामिल होने के लिए सुबह जल्दी घरों से निकले और परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। परीक्षा निरस्त होने की सूचना पर सुबह जो खुशी का माहौल था वह अचानक मायूसी में बदल गया। केंद्रों से बाहर आते अभ्यर्थियों के चेहरे लटके रहे। कक्ष पहुंचकर भी परीक्षा नहीं देने का मलाल उनके चेहरे पर साफ नजर आया। कुछ केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करके नाराजगी भी जताई। स्वजनों को खोजते रहे अभ्यर्थी

अभ्यर्थियों को परीक्षा दिलाने के लिए स्वजन भी साथ आए थे। कुछ स्वजन सुबह अभ्यर्थियों को केंद्रों पर इस उम्मीद के साथ छोड़कर लौट गए कि परीक्षा समाप्त होने पर फिर आ जाएंगे, लेकिन परीक्षा स्थगित होने के बाद ऐसे अभ्यर्थियों स्वजनों को तलाशते रहे। मोबाइल आदि पास नहीं होने के कारण स्वजनों से सपंर्क करने के लिए परेशान रहे। किसी तरह अन्य अभ्यर्थियों के स्वजनों के मोबाइल से उन्होंने अपने स्वजनों से संपर्क साधा। अभ्यर्थियों से बसों में वसूला गया किराया

करीब 20 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के जिले में पहुंचने पर सड़कों पर यातायात का दबाव बना रहा। जगह-जगह जाम के हालतों से जूझना पड़ा। बसों से गंत्वय तक आने-जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, परीक्षा निरस्त होने पर शासन की ओर से बसों में अभ्यर्थियों के आने-जाने का किराया नहीं वूसलने की सूचना प्रसारित हुई, लेकिन इसकी कोई अधिकारिक सूचना नहीं मिलने के कारण बसों में अभ्यर्थियों से किराया वसूला गया। जिसकी एआरएम धीरज पंवार ने पुष्टि की।