तीन घंटों तक परेशान रहे लोग

तीन घंटों तक परेशान रहे लोग

ग्रामीण क्षेत्रों से किसान ट्रैक्टर-ट्राली में भरकर भूड़ चौराहे पर पहुंचे। किसान ट्रैक्टर-ट्राली में बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निकले तो व्यापारियों में हड़कंप मच गया। व्यापारियों ने दुकानों के बाहर रखा सामान अंदर कर लिया। अनहोनी की आशंका के चलते पुलिस ने भूड़ चौराहे से फड़ और ठेला लगाने वालों को मौके से हटाया। साढे तीन घंटे तक हाईवे और मुख्य सड़कों के जाम होने के चलते राहगीरों ने सामान का बोझा उठाकर पैदल चलकर अपनी यात्रा पूरी की।

Publish Date:Fri, 27 Nov 2020 11:55 PM (IST) Author: Jagran

जेएनएन, बुलंदशहर।ग्रामीण क्षेत्रों से किसान ट्रैक्टर-ट्राली में भरकर भूड़ चौराहे पर पहुंचे। किसान ट्रैक्टर-ट्राली में बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निकले तो व्यापारियों में हड़कंप मच गया। व्यापारियों ने दुकानों के बाहर रखा सामान अंदर कर लिया। अनहोनी की आशंका के चलते पुलिस ने भूड़ चौराहे से फड़ और ठेला लगाने वालों को मौके से हटाया। साढे तीन घंटे तक हाईवे और मुख्य सड़कों के जाम होने के चलते राहगीरों ने सामान का बोझा उठाकर पैदल चलकर अपनी यात्रा पूरी की।

सिर पर स्व. चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की टोपी और हाथों में लाठी सहित ट्रैक्टर ट्रालियों से किसान नगर में घुसे तो हर कोई हतप्रभ रह गया। शिकारपुर बाइपास, स्याना और अनूपशहर रोड से किसानों ने नगर की मुख्य सड़कों की ओर रुख किया। हालांकि पुलिस ने अधिकांश किसानों को रोक दिया लेकिन कुछ किसान बाजारों की सड़कों में घुसने में कामयाब हो गए। बाजार के बीच किसानों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तो व्यापारियों में हड़कंप मच गया। किसानों को कालाआम चौराहा पर रोका गया तो उन्होंने बैरिकेडिंग उठाकर एक ओर रख दी और अपने-अपने वाहन निकालकर उन्हें दोबारा से सड़क पर रख दिया। यातायात व्यवस्था रही ठप

पुलिस ने यातायात व्यवस्था संभाली और नगर और तहसील बस स्टैंड से रोडवेज बसों को खुर्जा बाइपास से होते हुए अलीगढ-दिल्ली बाइपास की ओर से निकाला। साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर से वाहनों को नहर पुल की ओर यातायात संचालित किया। वाहनों की संख्या अधिक होने के चलते यहां करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा। इसके बाद एक ट्रक खराब हो गया। इससे वाहनों का आवागमन वन-वे होने पर वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पैदल चले, बच्चे-बूढे और महिलाएं

साढे तीन घंटों के दौरान सैकड़ों बच्चे अपने-अपने अभिभावकों के साथ डग्गामार वाहनों से उतरकर पैदल चले। बुजुर्गों को भी सिर पर सामान रखकर तीन से चार किमी की यात्रा पैदल करनी पड़ी। सड़कों पर महिलाएं भी बच्चे को गोद में लिए हुए पैदल जाती नजर आई। इन्हें दी आंदोलनकारियों ने राहत

एंबुलेंस, जिला प्रशासन अधिकारियों, गन्ना वाहनों, ट्रैक्टर-ट्रालियों, बुजुर्ग और वाहन चला रही महिलाओं को भाकियू के कार्यकर्ताओं ने नहीं रोका। उनके लिए बैरिकेडिंग हटा दी गई। लेकिन रोडवेज बसों, ट्रक, डग्गामार वाहन, कार, बाइक और स्कूटी सवार आदि को कार्यकर्ताओं ने भूड़ चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर रोके रखा।

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