चोरी के वाहनों को बेचता था हरियाणा का बदमाश

खुर्जा नगर कोतवाली पुलिस ने अंतरराज्जीय वाहन चोर गिरोह के चार शातिरों को गिरफ्तार किया है। बदमाशों की निशानदेही पर चोरी किए गए डंफर दो कटी बाइकों के सामान 14 बाइक और दो स्कूटी बरामद की हैं। बदमाश नंबर प्लेट बदलकर चोरी किए गए वाहनों को हरियाणा राजस्थान और दिल्ली में बेचते थे। पुलिस ने चोरों बदमाशों का चालान कर जेल भेज दिया है।

JagranFri, 17 Sep 2021 06:51 AM (IST)
चोरी के वाहनों को बेचता था हरियाणा का बदमाश

जेएनएन, बुलंदशहर। खुर्जा नगर कोतवाली पुलिस ने अंतरराज्जीय वाहन चोर गिरोह के चार शातिरों को गिरफ्तार किया है। बदमाशों की निशानदेही पर चोरी किए गए डंफर, दो कटी बाइकों के सामान, 14 बाइक और दो स्कूटी बरामद की हैं। बदमाश नंबर प्लेट बदलकर चोरी किए गए वाहनों को हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में बेचते थे। पुलिस ने चोरों बदमाशों का चालान कर जेल भेज दिया है।

एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि बीती रात खुर्जा नगर पुलिस की एक टीम गश्त-चेकिग में लगी थी। उसी दौरान सूचना मिली कि कुछ शातिर वाहन चोर विभिन्न स्थानों से चुराए हुए वाहनों को एक डंफर में लादकर हरियाणा बेचने के लिए ले जा रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने शाहपुर तिराहे से डंफर को रोक लिया। पुलिस को देखते ही इसमें सवार चारों युवकों ने भागने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर इन्हें दबोच लिया। पूछताछ में इन्होंने अपने नाम इरफान निवासी हीननपुर थाना पुन्हाना नूह मेवात, हरियाणा, फरमान निवासी ग्राम नूरपुर थाना टप्पल, अलीगढ़, गुलशन निवासी उस्मापुर थाना खुर्जा नगर, बुलंदशहर एवं अरविन्द निवासी ग्राम सैंदा फरीदपुर थाना खुर्जा देहात बुलंदशहर बताया। पुलिस ने डंफर की तलाशी ली तो इसमें दो कटी बाइक समेत कुल 14 बाइक एवं दो स्कूटी शामिल थीं। गिरोह द्वारा बरामद वाहनों को आगरा, हापुड़, खुर्जा के अलावा फरीदाबाद आदि स्थानों से चुराया गया था। वाहनों को चुराने के बाद उनकी नंबर प्लेट एवं चेसिस नंबर बदल दिया जाता था और उसे दूसरे स्थानों पर कम दामों में बेच दिया जाता था। एसएसपी ने बताया कि पूछताछ कर चारों आरोपियों के खिलाफ खुर्जा नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर उनका चालान कर दिया गया है।

हम तो ड्राइवर हैं सरगना तो ओर हैं..

हरियाणा के मेवात निवासी इरफान ने बताया कि हमें चोरी किए गए वाहनों को बताए गए पते पर पहुंचाना होता था। चोरी करने वाले और इन्हें बेचने वाले तो कोई ओर हैं। हमें तो वाहनों के मुताबिक ही पैसा मिलता है। बताया कि चोरी किए गए वाहन राजस्थान तक ले जाने होते हैं।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.