किसानों ने जिलेभर में फाड़ी नए कृषि कानून की प्रतियां

नए कृषि कानून पारित होने की वर्षगांठ पर भाकियू के नेतृत्व में किसानों ने विरोध जताया। राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आह्वान पर जिलेभर में किसानों ने नए तीन कृषि कानून की प्रतियां फाड़कर सड़कों पर फेंकी और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान आमजन को भी काफी परेशान होना पड़ा और स्टेट हाइवे और सार्वजनिक स्थानों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर जाम लगा और दोपहर को वाहनों में बैठी सवारियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।

JagranSat, 05 Jun 2021 11:39 PM (IST)
किसानों ने जिलेभर में फाड़ी नए कृषि कानून की प्रतियां

जेएनएन, बुलंदशहर।

नए कृषि कानून पारित होने की वर्षगांठ पर भाकियू के नेतृत्व में किसानों ने विरोध जताया। राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आह्वान पर जिलेभर में किसानों ने नए तीन कृषि कानून की प्रतियां फाड़कर सड़कों पर फेंकी और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान आमजन को भी काफी परेशान होना पड़ा और स्टेट हाइवे और सार्वजनिक स्थानों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर जाम लगा और दोपहर को वाहनों में बैठी सवारियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।

नए कृषि कानून के विरोध में भारतीय किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर प्रदेशभर में तीनों कृषि कानून की प्रतियां फाड़कर विरोध जताया गया। हालांकि भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रतियां न जलाने सख्त हिदायत दी थी। इसके बावजूद कई किसान संगठनों ने कृषि कानून की प्रतियों को आग के हवाले किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, किसानों का आक्रोश देखते हुए पुलिस तमाशबीन बनी रही और रूट डायवर्ट कर यातायात की व्यवस्था सुचारू रखी। कालाआम चौराहे पर किसान करीब एक घंटे तक जमे रहे और कृषि कानून की प्रतियां फाड़कर हवा में उछाल दी। इसके बाद तीनों कानून की वापस करने की मांग का ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस मौके पर मांगेराम त्यागी, शैलेंद्र उर्फ शैलू आर्य, जिलाध्यक्ष बब्बन चौधरी हरवीर चौधरी, सुनील लोधी, सोनू चौधरी, सूरज सिंह, टीनू चौधरी आदि मौजूद रहे। किसानों ने फाड़ी कृषि कानून की प्रतियां, सौंपे ज्ञापन

खुर्जा। शनिवार को भारतीय किसान यूनियन मेरठ मंडल सचिव कैलाश भागमल गौतम के नेतृत्व में किसान तहसील पर एकत्र हुए। उन्होंने नए कृषि कानून के विरोध में नारेबाजी की। कहा कि तीनों कृषि कानूनों को तत्काल वापस किया जाए। साथ ही आंदोलनकारी किसानों पर दर्ज हुए मुकदमों में वापस लिया जाए। इसके अलावा उन्होंने वृद्ध किसानों को पांच हजार रुपये पेंशन, सभी फसलों की खरीद एमएसपी पर सुनिश्चित करने, किसानों का कर्ज माफ करने, विद्युत की बढ़ी दरों को वापस लेने, संपूर्ण भारत में एक समान विद्युत दर आदि मांगों को लेकर चर्चा की। जिसके बाद उन्होंने कृषि कानून की प्रतियां फाड़ीं और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें रचित आर्य, रवि, आलोक, विनोद, योगेश, संदीप आदि रहे। उधर, महाशक्ति के कार्यकर्ताओं ने पहासू अड्डे पर तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग की। आस मोहम्मद, रिकू सिंह, नबाव, अमित, जावेद, महेश आदि रहे। लोकशक्ति के कार्यकर्ताओं ने भी एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें ठाकुर देवराज सिंह, विष्णु चौधरी, सुनील, प्रमोद राघव, रमेश आदि रहे।

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