डासना जेल में लिखी गयी रालोद नेता पर हमले की पटकथा

जेएनएन बुलंदशहर रालोद नेता हाजी युनुस पर गांव भाईपुरा में हमले की साजिश एक साल से रची जा रही थी। पुलिस जांच में पता चला है डासना जेल में इस हमले की पूरी स्क्रिप्ट तैयार की गयी। इसके लिए बाकायदा सुपारी और हथियार की व्यवस्था वहीं से करायी गयी।

JagranPublish:Wed, 08 Dec 2021 08:36 PM (IST) Updated:Wed, 08 Dec 2021 08:36 PM (IST)
डासना जेल में लिखी गयी रालोद नेता पर हमले की पटकथा
डासना जेल में लिखी गयी रालोद नेता पर हमले की पटकथा

जेएनएन, बुलंदशहर

रालोद नेता हाजी युनुस पर गांव भाईपुरा में हमले की साजिश एक साल से रची जा रही थी। पुलिस जांच में पता चला है, डासना जेल में इस हमले की पूरी स्क्रिप्ट तैयार की गयी। इसके लिए बाकायदा सुपारी और हथियार की व्यवस्था वहीं से करायी गयी। बुलंदशहर व सिकंदराबाद के कुछ शातिर बदमाशों ने इस योजना को अंतिम रूप दिया। हमले में कौन-कौन होगा, यह तय होने पर बाकायदा सुपारी की रकम उन तक पहुंचायी गयी। हाजी युनुस पर दो बार हमले को शूटर पहुंचे। आने-जाने के समय व रास्ता बदलने के कारण हमले को अंजाम नहीं दिया जा सका।

भईपुरा शूटआउट की जांच में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, उसमें घटना में शामिल बदमाशों की तस्वीर साफ होती जा रही है। रालोद नेता से पूछताछ व हमले के समय गांव में मौजूद लोगों ने बदमाशों का जो हुलिया बताया है, वह जिले के कई नामी बदमाशों से मिलता जुलता है। सूत्रों का कहना है कि हमले में शामिल इन लोगों का चेहरा सिकंदराबाद क्षेत्र के कुछ शातिरों से मेल खा रहा है। ऐसे लोगों की पुलिस ने अपनी तरीके से तस्दीक की तो वह फिलहाल फरार है। पुलिस ने उनकी लोकेशन तलाश की तो वह उस दौरान हमला स्थल के आसपास ही मिले। ऐसे तीन लोगों की तलाश पुलिस शिद्दत से कर रही है। वह फिलहाल जिला छोड़कर दिल्ली में छिपे हुए है। उनकी गिरफ्तारी को पुलिस की कई टीम लगी है। पुलिस ने जेल से अपने सूत्रों से जानकारी जुटायी तो चौंकाने वाला बात सामने आयी। जेल में कई शातिरों ने बताया कि हाजी युनुस की हत्या की प्लानिग बन रही है, यह जेल में बंद कई लोगों को पता था।

पुलिस को जांच में पता चला है कि रविवार से पूर्व दो बार हाजी युनुस को शूटर गांव पहुंचे थे। इस दौरान भी हाजी युनुस शादी समारोह में शामिल होने गए थे। किस्मत अच्छी रही, दोनों दिन वह शूटर के पहुंचने से पहले ही वापस आ गए। एक बार रास्ता बदलने के कारण उनका शूटरों से आमना-सामना नहीं हो सका। पुलिस को जानकारी मिली है, शूटर आरोपितों में से एक के साथ पिछले छह माह से घूम रहे थे। इस दौरान वह बुलंदशहर के अलावा सिकंदराबाद क्षेत्र में देखे गए। पुलिस अब सिकंदराबाद के उन लोगों की तलाश कर रही है, जिनके यहां उनकी आमद रही है।

करीबी है शूटर का खबरी

हाजी युनुस शूटआउट की जांच कर रही पुलिस उनकी सुरक्षा को लेकर फिक्रमंद है। उन्हें फिलहाल चार गनर दिए गए है। पुलिस के पास जो सूचना है, उसमें पता चला है कि शूटर का कोई खबरी लगातार सारी खबरें उन तक पहुंचा रहा है। युनुस व पुलिस की हर गतिविधि की जानकारी शूटर को है। दबिश से पहले ही वह गायब हो रहे हैं। पुलिस अब उस खबरी की शिनाख्त में जुटी है।