शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हाथों में काली पट्टी बांध किया विरोध

शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हाथों में काली पट्टी बांध किया विरोध

गोपनीय आख्या लिखे जाने के विरोध में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हाथ की बांह पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। बाद में अपनी मांगों के समर्थन में संगठन को ओर से ज्ञापन प्रेषित किया।

JagranThu, 04 Mar 2021 10:29 PM (IST)

बिजनौर, जेएनएन। गोपनीय आख्या लिखे जाने के विरोध में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हाथ की बांह पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। बाद में अपनी मांगों के समर्थन में संगठन को ओर से ज्ञापन प्रेषित किया।

शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष राहुल राठी के आह्वान पर अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं गुरुवार को कांशीराम कालोनी स्थित स्कूल परिसर में एकत्र हुए। यहां उन्होंने शिक्षकों की गोपनीय आख्या लिखे जाने का विरोध किया। विरोध स्वरूप शिक्षकों ने हाथ की बांह पर काली पट्टी बांधी और नारेबाजी कर विरोध जताया। इस दौरान शिक्षकों ने शासन द्वारा जारी किए गए आदेश के बारे में विस्तार से बताया। शिक्षक नेताओं ने दो टूक कहा कि शिक्षकों का उत्पीड़न किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका आरोप है कि बेसिक शिक्षा परिषद नियमावली को तोड़ा जा रहा है। शिक्षकों ने गोपनीय आख्या लिखवाए जाने के आदेश को तुगलकी फरमान बताया है। इस मौके पर नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन भुगतान की मांग भी की गई। शिक्षकों के चार-चार महीने का वेतन भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। साथ ही वक्ताओं ने संगठन की मजबूती पर जोर दिया। विरोध प्रदर्शन में सरदार हरवंत सिंह, सत्यवीर सिंह, अरविद चौधरी, राजेंद्र कुमार, सुमेंद्र चौधरी, भूपेंद्र सिंह, चंद्रपाल सिंह, विपिन शर्मा, अरविद चौधरी, इंदु, शैली शर्मा, देवेंद्र पाल सिंह, हिना सिंह, रूचीन, मणिकांता चौधरी आदि उपस्थित रहे। आरक्षण निर्धारण में किया 2020 पंचायत एक्ट का उल्लंघन

बिजनौर साल 2020 में लागू एक्ट के मुताबिक जिला पंचायत सदस्य सीटों के आरक्षण में काफी बदलाव किए गए है लेकिन, इस बार हुए आरक्षण के दौरान जिला पंचायत सदस्य स्योहारा सीट-49 को तीसरी बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दी गई। राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने डीएम रमाकांत पांडेय को दी आपत्ति में कहा कि जिला पंचायत सदस्य पद की स्योहारा की द्वितीय सीट की 49 नंबर की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दी गई है, जबकि यह सीट लगातार दो बार से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित चली आ रही है। यह 2020 चुनाव एक्ट का सरासर उल्लंघन है। उन्होंने 2020 में लागू पंचायत एक्ट के अनुसार यह सीट सामान्य या पिछड़ा वर्ग सीट कराए जाने की मांग की।

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