खाद्य सामग्री का भंडारण फुटकर पर बढ़ी महंगाई

खाद्य सामग्री का भंडारण फुटकर पर बढ़ी महंगाई

कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते भले ही सरकार की ओर से साप्ताहिक लाकडाउन लगा दिया हो लेकिन लोगों के मन में अभी भी संपूर्ण लाकडाउन लगने की आशंका घर किए हुए है। ऐसे में जहां बड़े व्यापारियों ने दैनिक प्रयोग में आने वाले उत्पादों का भंडारण शुरू कर दिया है। वहीं छोटे दुकानदारों ने सामान के दाम बढ़ा दिए हैं।

JagranThu, 22 Apr 2021 02:36 AM (IST)

जेएनएन, बिजनौर। कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते भले ही सरकार की ओर से साप्ताहिक लाकडाउन लगा दिया हो, लेकिन लोगों के मन में अभी भी संपूर्ण लाकडाउन लगने की आशंका घर किए हुए है। ऐसे में जहां बड़े व्यापारियों ने दैनिक प्रयोग में आने वाले उत्पादों का भंडारण शुरू कर दिया है। वहीं, छोटे दुकानदारों ने सामान के दाम बढ़ा दिए हैं।

वर्ष 2020 में 22 मार्च को लाकडाउन लगने के बाद नगर के बड़े व्यापारियों ने बंद शटर में सामान बेचकर लाखों के वारे न्यारे किये थे। दैनिक जरूरत का सामान महंगा होने का सीधा प्रभाव गरीब मजदूर वर्ग पर बिजली बनकर टूट पड़ा था। विगत एक जुलाई को लाकडाउन खुलने के बाद धीरे-धीरे बाजार में सामान की कीमत सामान्य होने लगी थीं, लेकिन वर्तमान में कोरोना वायरस ने पूरे देश को फिर से अपनी चपेट में ले लिया है। सभी जनपदों में बढ़ रहे कोरोना मरीजों के चलते प्रदेश सरकार ने रात्रि आठ बजे से सुबह सात बजे तक का क‌र्फ्यू लगा दिया है। साथ ही शनिवार तथा रविवार का लाकडाउन का फैसला सरकार ने लिया है।

बाजार में दैनिक जरूरतमंद व दैनिक उपभोग की चीजों की अभी तक सरकार की तरफ से कोई कीमत नहीं बढ़ी है, लेकिन फुटकर व थोक विक्रेताओं ने लाकडाउन की आड़ में प्रिट मूल्यों से अधिक धनराशि ग्राहकों से वसूलना शुरू कर दी है। यदि शासन प्रशासन ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया तो गरीब मजदूर वर्ग महंगाई की आड़ में पिस कर रह जाएगा।

एकाएक बढ़े तंबाकू उत्पादों के दाम

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए 35 घंटे का लाकडाउन लगा तो कारोबारियों ने कालाबाजारी शुरू कर दी। एकाएक तंबाकू उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं। कोरोना काल में मंहगाई बढ़ने के डर से नागरिक खाद्य सामग्री को स्टाक करने लगे हैं।

सोमवार को मतदान संपन्न होने के बाद सबकुछ सामान्य हो गया, लेकिन कारोबारियों ने पिछले साल की तरह लाकडाउन बढ़ने के कयास लगाते हुए तंबाकू उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं। निर्धारित दाम से दो-तीन रुपये अधिक पर बेचे जा रहे हैं। इनके दाम बढ़ने की खबर से नागरिकों को मंहगाई और बढ़ने का भय सताने लगा है। जिससे नागरिक खाद्य सामग्री स्टाक करने लगे हैं। एक तरफ कोरोना संक्रमण से लड़ाई तो दूसरी तरफ कालाबाजारी की लड़ाई शुरू होने से नागरिक आशंकित हैं। नागरिकों ने प्रशासन से कालाबाजारी पर अंकुश लगाने की मांग की है।

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