रोडवेज डिपो परिसर में यात्रियों की उमड़ी भीड़

रोडवेज डिपो परिसर में यात्रियों की उमड़ी भीड़

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए आधी क्षमता के साथ रोडवेज बसों का संचालन किया गया। जिसके चलते रोडवेज डिपो परिसर में यात्रियों की भीड़ जुट गई। यात्रियों को बसों के इंतजार में घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ी। कोटद्वार हरिद्वार नगीना दिशा से आने वाले रोडवेज बसे डिपो के सामने से तो गुजरी लेकिन कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार बसों में यात्री फुल होने से सीधी गंतव्य की ओर बढ़ गई।

JagranWed, 21 Apr 2021 04:47 AM (IST)

जेएनएन, बिजनौर। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए आधी क्षमता के साथ रोडवेज बसों का संचालन किया गया। जिसके चलते रोडवेज डिपो परिसर में यात्रियों की भीड़ जुट गई। यात्रियों को बसों के इंतजार में घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ी। कोटद्वार, हरिद्वार, नगीना दिशा से आने वाले रोडवेज बसे डिपो के सामने से तो गुजरी, लेकिन कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार बसों में यात्री फुल होने से सीधी गंतव्य की ओर बढ़ गई।

कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड सरकार ने रोडवेज बसों का संचालन आधी क्षमता से साथ करने के निर्देश दिए। कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार रोडवेज की बसों का संचालन तीन सीट पर दो सवारी और दो सीट पर एक सवारी के साथ किया गया तो रोडवेज डिपो परिसर में यात्रियों की भीड़ जुट गई। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में वोट डालकर गांव अपने काम पर लौटने वाले यात्रियों को आधी क्षमता के साथ बसों के संचालन से परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज बसों में कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन तो हुआ लेकिन डिपो परिसर में भीड़ जुट जाने से शारीरिक दूरी गायब रही। अधिकांश यात्रियों के चेहरे से मास्क गायब मिले, तो कुछ यात्रियों ने मास्क नाक से नीचे लगाकर औपचारिकता पूरी की। उधर दिल्ली में लाकडाउन लगने से कामगार अपने घर लौटने लगे हैं। दिल्ली से आने वाली बसों से कामगार के लौटने का सिलसिला जारी है। गेहूं कटाई व थ्रेसिग का तेजी से चल रहा है कार्य

किसान इस समय गेहूं की कटाई व थ्रेसिग में लगे हैं। यह कार्य तेजी से चल रहा है। लेकिन आसमान में छाए बादलों ने किसान की चिता बढ़ा दी है। मंगलवार सुबह से बादल छाए रहे। इसने किसानों की चिता बढ़ गई है। अंदेशा जताया जा रहा है कि यदि कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो गई तो गेहूं की थ्रेसिग व कटाई पर ब्रेक लग जाएगा। इससे कृषि कार्य प्रभावित हो जाएगा, साथ ही भीग कर गेंहू भी खराब हो सकता है।

यदि बेमौसम बारिश हो गई तो इस कार्य पर पूरी तरह से ब्रेक लग जाएगा। साथ ही खेतों में कटी पड़ी फसल भी भीग कर बर्बाद हो जाएगी। राजवीर सिंह, धीर सिंह, राम सिंह, नरोत्तम चौहान व किशन सिंह आदि किसानों का कहना है कि खेतों में गेहूं और थ्रेसिग के बाद उनका भूसा भी रखा है। बारिश होने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.