मालन का जलस्तर बढ़ने से किसान चितित

मैदानी व पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश होने से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। मालन नदी के उफान में किसानों की तलहटी में उगाई फसलें बह गई है। मालन कटान करते हुए आबादी क्षेत्र की ओर रूक कर रही है।

JagranPublish:Sun, 01 Aug 2021 06:02 AM (IST) Updated:Sun, 01 Aug 2021 06:02 AM (IST)
मालन का जलस्तर बढ़ने से किसान चितित
मालन का जलस्तर बढ़ने से किसान चितित

जेएनएन, बिजनौर। मैदानी व पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश होने से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। मालन नदी के उफान में किसानों की तलहटी में उगाई फसलें बह गई है। मालन कटान करते हुए आबादी क्षेत्र की ओर रुक कर रही है। हालांकि शासन की मंजूरी के बाद सिचाई विभाग द्वारा करीब दो साल पहले कृषि भूमि कटान और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पाईबाग, कछियाना, खैरुल्लापुर, शाहपुरा के नदी क्षेत्र में अस्थायी स्टड बनाए थे, लेकिन तटीय क्षेत्र में बसे किसानों को बाढ़ व भूमि कटान की चिता अब भी सता रही है। कृषि भूमि कटान रोकने के लिए पक्का तटबंध नहीं बनाए जाने का किसानों को मलाल है। लोगों ने बयां किया दर्द करीब दो साल से मालन नदी में अधिक पानी नहीं आया है। दो दिन से लगातार हो रही बारिश ने चिता बढ़ दी है। अस्थाई स्टड वाले क्षेत्र में कृषि भूमि कटान होने लगा है।

-राजेंद्र सिंह, निवासी खैरुल्लापुर मालन नदी की धारा अस्थाई स्टड से हटकर आबादी की ओर मुड़ने लगी है। नदी का जलस्तर बढ़ा तो परेशानी हो सकती है। कुछ लोग नदी का स्वरूप बदलने के प्रयास में लगे रहते हैं।

-शंकर सिंह, निवासी कछियाना मालन नदी के बढ़े जलस्तर से उनकी तलहटी में उगाई फसलें बह गई। किसान डर की वजह से नदी किनारे खड़ी फसल को काट रहे हैं।

-दीपक सैनी, निवासी शाहपुरा नदी क्षेत्र में अस्थाई स्टड बनने से बाढ़ का खतरा कम हुआ है, लेकिन कृषि भूमि कटान धीरे-धीरे हो रहा है, जिससे किसानों को नुकसान पहुंच रहा है।

-श्रीराम, निवासी पाईबाग