गंगा किनारे के किसान बागवान बनकर बढ़ाएंगे आय

गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों के आध्यात्मिक विकास योजना के तहत उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग 150 हेक्टेयर बागवानी या नवीन उद्यान रोपण करेगा। बागवानी नवीन उद्यान रोपण करने वाले किसानों को सहायता राशि विभाग द्वारा प्रदान की जाएगी।

JagranSun, 19 Sep 2021 11:25 AM (IST)
गंगा किनारे के किसान बागवान बनकर बढ़ाएंगे आय

जेएनएन, बिजनौर। गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों के आध्यात्मिक विकास योजना के तहत उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग 150 हेक्टेयर बागवानी या नवीन उद्यान रोपण करेगा। बागवानी, नवीन उद्यान रोपण करने वाले किसानों को सहायता राशि विभाग द्वारा प्रदान की जाएगी।

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग भी नमामि गंगे औद्योगिक विकास योजना के तहत चयनित पंचायतों में गंगा तटवर्ती क्षेत्रों में अंतराशस्यन कृषि (दो पेड़ों के बीच की खाली भूमि पर खेती करना) को बढ़ावा देगा। विभाग द्वारा नवीन उद्यान रोपण करने वाले किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। बगिया में चयनित सब्जी के बीजों की व्यवस्था स्वयं लाभार्थी किसान द्वारा की जाएगी। पौधशाला के लिए अनुमन्य क्षेत्रफल एक हेक्टेयर तक होगा तथा पौधशाला की प्रवर्धन, संरक्षण क्षमता न्यूनतम 25000 पौधे प्रतिवर्ष प्रति हेक्टेयर होगी। पौधों की जीविता शत-प्रतिशत बनी रहनी चाहिए। बगिया में फल देंगे यह पेड़

योजना के तहत फल आम, अमरूद, आंवला, बेल, बेर, अनार, शरीफा, कागजी नींबू आदि के अंतर्गत नए उद्यानों का रोपण करेंगे। साथ ही तीन वर्ष तक अंतराशस्य के रूप में सब्जी, मसाला एवं पुष्प आदि की खेती को प्रोत्साहन दिया जाएगा। निजी क्षेत्र में एक छोटी पौधशाला की स्थापना भी कराई जाएगी। इतना मिलेगा अनुदान

योजना के तहत नवीन उद्यान रोपण के लिए प्रति किसान को न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर से अधिकतम एक हेक्टेयर क्षेत्रफल की सीमा तक अनुमन्यता होगी। आगामी वर्षो में चयनित क्लस्टर्स में ही नवीन उद्यान रोपण कराकर क्लस्टर्स को न्यूनतम 25 हेक्टेयर तक विकसित किए जाने का प्रयास जारी है। प्रत्येक लाभार्थी को 3000 प्रतिमाह प्रति हेक्टेयर की दर से 36 माह तक कुल एक लाख आठ हजार की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। बोले अफसर:

इससे औद्यानिक फसलों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। योजना का लाभ पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किए जाएंगे। योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान अतिशीघ्र उद्यान विभाग में संपर्क कर योजना का लाभ उठाएं।

-जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी बिजनौर।

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