पालिका परिषद व जिला पंचायत के बीच फंसी सात गांव की सफाई

पालिका परिषद व जिला पंचायत के बीच फंसी सात गांव की सफाई

सीमा वृद्धि के बाद पालिका परिषद बिजनौर की सीमा में शामिल सात गांवों की सफाई व्यवस्था पालिका परिषद और जिला पंचायत राज विभाग के बीच फंस कर रह गई है। पालिका के सफाई कर्मी न तो इन गांवों और गांवों में विकसित की गई कालोनियों में सफाई कर रहे हैं। अब मजबूरी में इन गांवों के लोग स्वयं सफाई करने को मजबूर है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

JagranWed, 21 Apr 2021 10:44 AM (IST)

जेएनएन, बिजनौर। सीमा वृद्धि के बाद पालिका परिषद बिजनौर की सीमा में शामिल सात गांवों की सफाई व्यवस्था पालिका परिषद और जिला पंचायत राज विभाग के बीच फंस कर रह गई है। पालिका के सफाई कर्मी न तो इन गांवों और गांवों में विकसित की गई कालोनियों में सफाई कर रहे हैं। अब मजबूरी में इन गांवों के लोग स्वयं सफाई करने को मजबूर है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पूर्व प्रदेश सरकार ने छह माह पूर्व अधिसूचना जारी कर पालिका परिषद की सीमा का विस्तार करते किया। साथ ही प्रगति विहार कालोनी, महादेवपुरम, कृष्णापुरम, भरत विहार कालोनी, शांति विहार कालोनी, बुखारा कालोनी व आवास विकास समेत कई कालोनियों को पालिका परिषद बिजनौर की सीमा में शामिल किया था। इन कालोनियों में रहने वाले लोगों के नाम भी संबंधित ग्राम पंचायत की सूची से हटाने की कार्रवाई कर दी गई, परंतु अभी तक इन कालोनियों में मूलभूत सुविधाओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

पहले पंचायत राज विभाग में कार्यरत सफाईकर्मी इन कालोनियों की सफाई करते थे, कितु पालिका में शामिल होने के बाद वह वापस चले गए और पालिका की ओर से इन कालोनियों में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इन कालोनियों के लोग अब अपने स्तर पर ही सफाई कराने में लगे हैं। पालिका ने तो इन कालोनियों में कूड़ा डालने के लिए अपने कूड़ेदान तक नहीं रखे हैं। राजेंद्र कुमार, रविद्र, मदन, गजेंद्र, ललित कुमार व सुनील आदि ने जिला-प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।

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