सावधानी को मूल मंत्र बनाकर कोरोना को दें मात

सावधानी को मूल मंत्र बनाकर कोरोना को दें मात

कोरोना अब अपना रूप बदलकर नए म्यूटेंट के रूप में पहले से अधिक ताकतवर हो गया है। पिछले दो सप्ताह में प्रदेश सहित अन्य राज्यों में कोरोना का कहर पहले से अधिक बढ़ता जा रहा है। प्रदेश सरकार ने भी दो दिवसीय लाक डाउन और नाइट क‌र्फ्यू की घोषणा कर दी है। ऐसे में यदि हम अभी भी नहीं सुधरे तो बड़ी हानि हो सकती है। डाक्टर व योग प्रशिक्षक भी सावधानी को ही मूल मंत्र बनाकर आगे बढ़ने की सलाह दे रहे हैं।

JagranThu, 22 Apr 2021 05:35 AM (IST)

जेएनएन, बिजनौर। कोरोना अब अपना रूप बदलकर नए म्यूटेंट के रूप में पहले से अधिक ताकतवर हो गया है। पिछले दो सप्ताह में प्रदेश सहित अन्य राज्यों में कोरोना का कहर पहले से अधिक बढ़ता जा रहा है। प्रदेश सरकार ने भी दो दिवसीय लाक डाउन और नाइट क‌र्फ्यू की घोषणा कर दी है। ऐसे में यदि हम अभी भी नहीं सुधरे तो बड़ी हानि हो सकती है। डाक्टर व योग प्रशिक्षक भी सावधानी को ही मूल मंत्र बनाकर आगे बढ़ने की सलाह दे रहे हैं।

कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए आम जनता को फिर से कमर कसनी होगी। भले ही सरकार द्वारा वैक्सीन से लेकर लाक डाउन और मास्क लगाने तक के कड़े नियम कर दिए जाएं लेकिन जब तक आम जनता इसके प्रति सावधानी बरतते हुए आगे नहीं बढ़ेगी, तब तक कोरोना से जंग जीतना संभव नहीं है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए डाक्टर और योग गुरू सही खान-पीन, आदतें बदलने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। योग से बढ़ाएं प्रतिरोधक क्षमता :

नगर की फूल बाग कालोनी निवासी 70 वर्षीय गजराज सिंह पतंजलि योग पीठ के योग प्रशिक्षक हैं। पिछले 15 वर्षों से वे योग प्रशिक्षक के रूप में सैकड़ों लोगों को निरोगी काया का वरदान दे चुके हैं। कोरोना जैसी महामारी से लड़ने के लिए गजराज सिंह सभी को योग के माध्यम से अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि कोरोना में सबसे पहले सांस और फेफड़ों संबंधी समस्या अपना रूप दिखाती है। ऐसे में कपालभाति, अनुलोम-विलोम जैसे प्रणायाम और सूक्ष्म व्यायाम से अपनी क्षमता बढ़ाई जा सकती है। वहीं योग प्रशिक्षिका कमलेश सिंह बताती हैं कि मंडूकासन, वक्रासन, योग मुद्रासन, अर्ध मत्स्येंद्रासन आदि रोगों में रामबाण सिद्ध हुए हैं। इनके जरिए हम अपने शरी को मजबूत और स्वस्थ्य रखते हुए कोरोना जैसी महामारी से लड़ने के तैयार कर सकते हैं। अपनी आदत बदलें :

वरिष्ठ चिकित्सक डा. अंकुर वर्मा, डा. लोकेंद्र सिंह, डा. आदित्य अग्रवाल आदि इस समय को अति गंभीर मानते हैं। उनका कहना है कि लाक डाउन में हमने जो सावधानी बरती थीं, उससे अब दूर होते जा रहे हैं। कोरोना का नया म्यूटेंट पहले से अधिक खतरनाक है। ऐसे में सावधानी बरतते हुए अपनी साफ-सफाई की आदतें, शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करना आवश्यक है। मास्क के बिना बाहर निकलने को सोचना भी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि शुरुआती लक्षण दिखने पर घबराने की आवश्यकता नहीं है, हमें अपने खाने में पौष्टिक तत्व, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले व विटामिन-सी आदि के फल व सब्जियों को शामिल करना है।

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