कूड़े का ढेर बता रहा कि रावण अभी नहीं मरा

कूड़े का ढेर बता रहा कि रावण अभी नहीं मरा
Publish Date:Sun, 25 Oct 2020 05:38 PM (IST) Author: Jagran

बिजनौर, जेएनएन। विजय दशमी पर्व पर रावण वध हुआ। परंपराओं को निभाते हुए कहीं-कहीं दानवों के छोटे-छोटे पुतले भी जले। लेकिन यह किसी नहीं सोचा कि गंदगी के रूप में सबसे बड़ी समस्या और बुराई आज भी हमारे बीच या हमारे आसपास नजर आती है। नगर के गंदे पानी की निकासी से जुड़ा प्रमुख नाला गुरुद्वारे के पीछे और आदर्शनगर बिजलीघर के पास कूड़े के ढेर लगने से अवरुद्ध पड़ा है, लेकिन इस ओर न तो नगर पालिका परिषद का ध्यान है और न ही संबंधित ग्राम पंचायत का।

नगर के मोहल्ला जाब्तागंज, हवेलीतला, मुनीरगंज, बिसातियान, मुगलूशाह, बसंती माता, सेवाराम, मजीदगंज, मकबरा, वाहिदनगर, तहसील क्षेत्र के गंदे पानी की निकासी ग्राम पंचायत तातारपुर लालू क्षेत्र से होकर गुजरने वाले नाले से होती है। यह नाला तातारपुर लालू क्षेत्र में कच्चा होने से तो समस्या बनी ही हुई है, लेकिन जहां नाला पक्का भी बना है, वहां इसकी सफाई को लेकर अनदेखी की जा रही है। नगरपालिका क्षेत्र में ही कई जगह नाला अवरुद्ध पड़ा है। रेलवे क्रासिग के नीचे व दोनों ओर, गुरुद्वारा भवन के पीछे और आदर्शनगर बिजलीघर के सामने पुलिया क्षेत्र में नाले में कूड़े के ढेर लगे हैं। नाला अवरुद्ध होने से कई निचले क्षेत्रों में नालियों में गंदा पानी हर समय रुका नजर आ रहा है। दूषित वातावरण के साथ मक्खी-मच्छर का प्रकोप भी बढ़ रहा है। जहां कोरोना संक्रमण के साथ साथ बदलते मौसम में कई तरह की बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है, वहीं सफाई व्यवस्था को लेकर खासी लापरवाही की जा रही है। नागरिकों इनोद राजपूत, सतपाल सिंह, अरुण कुमार, नौबहार सिंह का कहना है कि एक बार सफाई करने के बाद कम से कम छह महीने तक कोई इस ओर आकर भी नहीं देखता। इस अनदेखी के कारण नाले के आसपास रहने वाले परिवार परेशान रहते हैं।

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