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मंडल के तीन जिलों को मिलेंगे तीन-तीन करोड़

मंडल के तीन जिलों को मिलेंगे तीन-तीन करोड़
Publish Date:Wed, 05 Aug 2020 07:27 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : ग्रामीण व शहरी निकायों में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में धन की कमी नहीं होगी। शासन ने ग्रामीण व शहरी निकायों को राज्य वित्त आयोग से उपलब्ध होने वाली धनराशि को संक्रमण रोकने में खर्च करने के लिए हरी झंडी दे दी है। प्रदेश के जिलों को जिले के आकार व सामने आ रहे संक्रमण के आधार पर 'ए' व 'बी' श्रेणी में बांटकर क्रमश: पांच-पांच व तीन-तीन करोड़ रुपये की धनराशि को जिला स्वास्थ्य समिति के खाते में सीधे भेजने का निर्णय लिया है। मीरजापुर मंडल के तीनों जिलों मीरजापुर, सोनभद्र, भदोही को 'बी' श्रेणी में रखा गया है। इस लिहाज से तीनों जिलों को तीन-तीन करोड़ की धनराशि मिलेगी।

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किस कार्य पर खर्च होगी धनराशि

जरूरत पड़ने पर वाहन किराए पर लेना, सर्विलांस, सैंपलिंग व आरआरटी गतिविधियां संचालित करने के साथ चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, स्टाफ नर्स, लैब तकनीशियन व सफाई संविदा पर रख सकते हैं। कोविड-19 के नियंत्रण व उपचार के लिए किसी ऐसा कार्य जिसे किया जाना आवश्यक है लेकिन उस कार्य के लिए सामान्य बजट से धनराशि उपलब्ध नहीं है तो समिति इस धनराशि से कार्य करने का निर्णय ले सकती है। शासन के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के आए पत्र के अनुसार इसमें पैरा मेडिकल, स्वीपर, एलटी, एलए की संख्या अथवा तैनाती के विषय में शासन-निदेशालय स्तर से किसी अनुमति की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

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कौन लेगा खर्च करने का निर्णय

राज्य वित्त आयोग की धनराशि राज्य स्तर से सीधे जिला स्वास्थ्य समिति के खाते में उपलब्ध कराई जाएगी। धनराशि को खर्च करने के लिए निर्णय लेने को गठित होने वाली समिति में जिलाधिकारी अध्यक्ष होंगे। सीएमओ सदस्य सचिव, सीडीओ, डीपीआरओ, प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय अथवा जनपद में नगर निगम होने की दशा में नगर आयुक्त सदस्य होंगे।

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कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए राज्य वित्त आयोग की संस्तुति के आधार पर ग्रामीण व शहरी निकायों को मिलने वाली धनराशि में से जरूरत पर खर्च करने का शासन ने निर्णय लिया है। इसे सीधे स्वास्थ्य समिति के खाते में भेजा जाएगा।

-सरोज पांडेय जिला समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन।

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