जनसुनवाई में सुधरा भदोही, प्रदेश में 46वीं रैंक

केस-1

मुन्नीलाल बिद निवासी छनौरा ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर नलकूप खराब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। अभी तक उसके मामले का निस्तारण नहीं किया जा सका है। केस-2

औराई के हौसिला प्रसाद मिश्र ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर चकरोड खाली कराने की मांग की थी। शिकायत निस्तारण के लिए तहसीलदार औराई को निर्देशित किया गया था, लेकिन अभी तक मामले का निस्तारण नहीं किया जा सका है। जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : शिकायतों का समुचित समाधान नहीं हो पा रहा है। तहसील और थाना दिवसों में जनता को सिर्फ आश्वासन मिल रहा। यहां तक कि मुख्यमंत्री तक के दरबार में फरियाद करने पर भी मामले का निदान नहीं हो पा रहा है। आइजीआरएस के ताजा आंकड़े में शिकायतों के निस्तारण में सुधार तो आया है, लेकिन संतोषजनक नहीं है। अगस्त में भदोही शिकायतों के निस्तारण में 72वें पायदान पर था, डीएम ने चेतावनी जारी की तो निस्तारण में तेजी आई। दिसंबर में जारी रैंकिग में भदोही प्रदेश में 46वें स्थान पर पहुंच गया। शुरूआती माह में शिकायतों के निस्तारण में जिले की स्थिति ठीक रही। बीच में तो निस्तारण में इस कदर लापरवाही की गई कि पूरी प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगा था। उधर विध्याचल मंडल के मीरजापुर को 62 और सोनभद्र को 62वां स्थान मिला है। जिले में समय से मामले निस्तारित न होने से डिफाल्टर हो जा रहे हैं। अफसरों की लापरवाही से विभिन्न पोर्टल पर 1126 मामले लंबित हैं। वेतन के पहले एडीएम से लेनी होगी एनओसी

शिकायतों के निस्तारण में हो रही लापरवाही को लेकर जिलाधिकारी ने अधिकारियों पर शिकंजा कस दिया है। किसी भी विभाग के अधिकारियों को वेतन आहरित कराने के लिए एडीएम से एनओसी लेनी होगी। डीएम ने चेताया है कि पहली बार डिफाल्टर होने पर वेतन रोका जाएगा। दूसरी बार डिफाल्टर होने पर प्रतिकूल प्रविष्टि और तीसरी बार होने पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। इसी क्रम में प्रत्येक माह में एडीएम द्वारा रिपोर्ट लगाने पर ही वेतन भुगतान किया जाएगा। आइजीआरएस में भदोही की स्थिति

संदर्भित डिफाल्टर लंबित

मुख्यमंत्री 03 10

जिलाधिकारी 10 154

लोकवाणी 37 653

ऑनलाइन 65 309 पूर्वाचल के प्रमुख जिलों की स्थिति

जिले रैंक

जौनपुर 28

बलिया 57

वाराणसी 70

गाजीपुर 72

चंदौली 75 सूबे के 18 जिले हुए नंबर वन

सूबे के आजमगढ़ व मऊ समेत 18 जिलों को शासन ने शिकायतों के निस्तारण में अव्वल पाया है। उन्हें एक नंबर की सूची में शामिल कर लिया है। यहां पर कोई प्रकरण डिफाल्टर श्रेणी में नहीं है, इसलिये बेहतर मार्किग की गई है।

1952 से 2020 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.